
सर्व समाज के हजारों लोगों ने निकाली रैली,एसडीएम कार्यालय को भी घेरा,पखांजुर में धर्मांतरित लोगों के कब्रिस्तान को खारिज करने का मांग गरमाया….
पखांजूर। कुछ लोगों द्वारा आदिवासियों का किया जा रहा धर्मांतरण और पखांजूर में धर्मांतरित लोगों को आवंटित कब्रिस्तान के लिए आरक्षित जमीन के आंवटन के विरोध में सर्व समाज द्वारा आज सभा का आयोजन कर अनुविभागीय अधिकारी कायार्लय का घेराव किया गया। सर्व समाज के लोग शाम 4 बजे अनुविभागीय अधिकारी कायार्लय पहुंचे और पूर्व में दिऐ आवेदनों पर कायर्वाही नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कार्यालय के सामने ही बैठ कर धरना प्रदशर्न शुरू कर दिया जो शाम 7 बजे तक जारी रहा। इस सभा और घेराव कायर्क्रम के लिए सभी राजनैतिक दलों के साथ साथ सभी समाज के लोगों को आंमत्रित किया गया था। इस घेराव में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के साथ साथ अन्य समाज के लोग भी आंदोलन में पहुंचे और धर्मांतरण का विरोध किया।
प्रशासन और पुलिस द्वारा नगर पंचायत पखांजूर में धर्मान्तरित व्यक्ति का शव दफनाऐ जाने को ले कर शुरू हुआ विवाद अब भी जारी है। आज सर्व समाज द्वारा इस आदिवासी समाज में हो रहे धर्मांतरण और पखांजूर में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि का आवंटन निरस्त करने की मांग को ले कर आंदोलन किया गया। इस आंदोलन की शुरूआत पखांजूर स्थित गोंडवाना भवन से शुरू की गई जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित हुए। इस जगह से नगर में रैली निकाली गई जो पखांजूर नया बाजार पहुंची। नया बाजार पखांजूर में बने शेड में सभा का आयोजन किया गया। शाम 3 बजे सभा को समाप्त कर पुनः रैली निकाली गई जो अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पखांजूर पहुंची। और अनुविभागीय कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यालय के सामने ही धरना प्रदशर्न शुरू कर दिया। इस दौरान पूर्व विधायक भोजराज नाग और अनुविभागीय अधिकारी के बीच गर्मा गरम बहस भी हुई जिसके बाद आंदोलन में पहुंचे लोग कायार्लय के सामने ही धरने पर बैठ गऐ। पूर्व विधायक भोजराज नाग ने पूर्व में किऐ आंदोलन के दौरान की गई मांग को अब तक पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए शासन और प्रशासन पर ही धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लागाया। उन्होनें आरोप लगाया की उनके द्वारा जिला कांकेर कलेक्टर से धर्मांतरण करने वाले
लोगों की जानकारी मांगी गई तो प्रशासन की ओर से एक भी धर्मांतरण नहीं होने की जानकारी दी गई। जब एक भी आदमी का धर्मांतरण नहीं हुआ है तो प्रशासन उन्हें कब्रिस्तान के लिए भूमि क्यों आंबटित कर रहा है। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी भी उपस्थित रहे उन्होेंने भी आरोप लगाया धर्मांतरण करा आदिवासी संस्कृति को नष्ट किया जा रहा है। इस अवसर पर सभी समाज के लोगों के साथ साथ बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। 15 दिवस के भीतर उचित कार्यवाही की भरोषा दिलाने के बाद ही धरना समाप्त किया गया।

