तुरसानी प्राथमिक शाला में शिक्षक की कमी से पढ़ाई ठप – ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्कूल में ताला लगाने की चेतावनी.

तुरसानी प्राथमिक शाला में शिक्षक की कमी से पढ़ाई ठप – ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्कूल में ताला लगाने की चेतावन

कोयलीबेड़ा।
प्राथमिक शाला तुरसानी में शिक्षक की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उभर कर सामने आया है। शुक्रवार को गांव के सैकड़ों लोग, जिनमें महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल थीं, खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय पहुँचकर जमकर विरोध जताया और जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई तो वे स्कूल में ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में तुरसानी प्राथमिक शाला में कुल 34 बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले यहाँ दो शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन एक शिक्षक के निलंबन के बाद से यह स्कूल एकल-शिक्षकीय बनकर रह गया है। फिलहाल एक मात्र शिक्षिका पूरे स्कूल के पाँचों कक्षाओं की पढ़ाई करवा रही हैं, जो बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है।
5 अगस्त को हुआ था आदेश, अब तक नहीं पहुंची शिक्षिका
ग्रामीणों ने बताया कि कतरूकुरुषबोड़ी से शिक्षिका निर्मला नेताम की पोस्टिंग 5 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय से तुरसानी प्राथमिक शाला के लिए की गई थी। इसके बावजूद शिक्षिका ने अब तक जॉइनिंग नहीं दी है। इस लापरवाही से न केवल बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि अभिभावकों में भी भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों की बड़ी उपस्थिति
गांव के सैकड़ों लोग सामूहिक रूप से BEO कार्यालय पहुँचे और समस्या को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएँ भी उपस्थित रहीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई तो वे मजबूरन स्कूल में ताला लगाकर धरना देंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एकल-शिक्षकीय विद्यालय में पाँचों कक्षाओं की पढ़ाई सम्भव नहीं है। यह स्थिति बच्चों के शैक्षिक विकास में बड़ी बाधा बन रही है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर समस्या का कितनी जल्दी समाधान करता है, ताकि ग्रामीणों को आंदोलन की राह पर न जाना पड़े।



