नल-जल योजना की खामियों और पेयजल संकट को लेकर सरपंच संघ का ज्ञापन, कोयलीबेड़ा में ही पाइप-रॉड भंडारण की मांग.

नल-जल योजना की खामियों और पेयजल संकट को लेकर सरपंच संघ का ज्ञापन, कोयलीबेड़ा में ही पाइप-रॉड भंडारण की मांग
कोयलीबेड़ा। सरपंच संघ कोयलीबेड़ा क्षेत्र ने क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर कलेक्टर उत्तर बस्तर कांकेर को ज्ञापन सौंपते हुए नल-जल योजना एवं हैंडपंपों की खामियों को दूर करने की मांग की है। सरपंच संघ का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में घर-घर तक पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन विस्तार का कार्य किया गया है, लेकिन वर्तमान में कई गांवों के ग्रामीणों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी खामियों और मरम्मत में हो रही देरी के कारण लोगों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि जल जीवन मिशन के तहत जिन स्थानों पर पहले से हैंडपंप लगे हुए थे, वहां सोलर मोटर स्थापित कर दी गई है। ये मोटर सोलर ऊर्जा से संचालित होती हैं, लेकिन बारिश के मौसम में पर्याप्त धूप नहीं मिलने से सोलर सिस्टम चार्ज नहीं हो पाता और मोटर बंद हो जाती है। परिणामस्वरूप ग्रामीणों को कई दिनों तक पेयजल नहीं मिल पाता। सरपंच संघ ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर सोलर मोटर हटाकर पुनः सामान्य हैंडपंप चालू किए जाएं, ताकि बारिश के मौसम में भी निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।
सरपंच संघ ने यह भी कहा है कि कई पुराने खनन हैंडपंपों में मोटर फिट कर दी गई है, जबकि उन स्थानों का जलस्तर पहले से ही काफी नीचे है। कम जलस्तर के कारण मोटर के माध्यम से पर्याप्त पानी नहीं निकल पा रहा और पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कई गांवों में पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए कम जलस्तर वाले स्थानों पर नए बोरवेल की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई है, ताकि ग्रामीणों को स्थायी रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नल-जल योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइप लीकेज और टूट-फूट के कारण पानी की बर्बादी होने के साथ-साथ कई मोहल्लों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सरपंच संघ ने इन सभी स्थानों का सर्वे कर तत्काल मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है।
इसी के साथ सरपंच संघ ने एक अलग ज्ञापन के माध्यम से पीएचई विभाग की व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठाई है। ज्ञापन में बताया गया है कि कोयलीबेड़ा क्षेत्र में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए आवश्यक पाइप, रॉड एवं अन्य सामग्री वर्तमान में अंतागढ़ से मंगाई जाती है। कोयलीबेड़ा से अंतागढ़ की दूरी लगभग 25 किलोमीटर होने के कारण सामग्री लाने में अतिरिक्त समय और परिवहन खर्च लगता है, जिससे खराब हैंडपंपों की मरम्मत में अनावश्यक देरी होती है। जबकि कोयलीबेड़ा में ही पीएचई विभाग के हैंडपंप तकनीशियन कार्यरत हैं और यदि आवश्यक सामग्री यहीं उपलब्ध रहे तो खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत की जा सकती है।
सरपंच संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि कोयलीबेड़ा क्षेत्र के लिए पाइप, रॉड एवं अन्य आवश्यक सामग्री का भंडारण कोयलीबेड़ा में ही कराया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मरम्मत कार्य किया जा सके और ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। संघ का कहना है कि समय पर मरम्मत और तकनीकी सुधार होने से जल जीवन मिशन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक घर तक नियमित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य भी सफल हो सकेगा। ज्ञापन पर सरपंच संघ के पदाधिकारियों सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।



