केंद्रीय बजट से निराशा हाथ लगी, ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं – रत्तीराम दुग्गा

केंद्रीय बजट से निराशा हाथ लगी, ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं – रत्तीराम दुग्गा
कोयलीबेड़ा। कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता व पीसीसी सदस्य रत्तीराम दुग्गा ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को निराशाजनक बताते हुए इसे विकास विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की मूल समस्याओं को नजरअंदाज करता है और खासकर कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी भी तरह की ठोस राहत नहीं देता। बजट से किसानों, मजदूरों और ग्रामीण जनता को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उन उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतर सका।
रत्तीराम दुग्गा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र के लिए बजट में न तो पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं और न ही किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने या उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने की कोई प्रभावी योजना सामने आई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता थी, लेकिन बजट में इन क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया।
पीसीसी सदस्य ने यह भी कहा कि विभिन्न उपयोगी और जनहित से जुड़े क्षेत्रों में घोषणाओं की आवश्यकता होने के बावजूद सरकार ने कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता, युवाओं और बेरोजगारों के लिए इस बजट में कोई ठोस रोडमैप नहीं है। इससे न तो रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और न ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दुग्गा ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह बजट की नीतियों पर पुनर्विचार करे और किसानों, ग्रामीणों तथा आम जनता के हित में ठोस कदम उठाए।


