कोयलीबेड़ा-नारायणपुर सीमा पर नक्सली डम्प का भंडाफोड़, हथियार, IED और विस्फोटक सामग्री बरामद.

कोयलीबेड़ा-नारायणपुर सीमा पर नक्सली डम्प का भंडाफोड़, हथियार, IED और विस्फोटक सामग्री बरामद

कोयलीबेड़ा। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। कोयलीबेड़ा-नारायणपुर सीमा पर ग्राम हेटारकसा, पल्लाहूर और जपमारका के मध्य स्थित जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में डीआरजी, बीएसएफ और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के एक डम्प का भंडाफोड़ करते हुए हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है
यह कार्रवाई 14 जुलाई 2026 को संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान की गई। अभियान पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा, डीआईजी बीएसएफ भानुप्रतापपुर दीपक तिवारी, पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा तथा 40वीं वाहिनी बीएसएफ कोयलीबेड़ा के द्वितीय कमान अधिकारी (2IC) नरेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित की गई।
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सली डम्प से एक 303 रायफल मैगजीन सहित, एक बीजीएल लॉन्चर, 303 रायफल के चार कारतूस, AK-47 के 30 कारतूस, एसएलआर के चार कारतूस, 10 बीजीएल सेल, लगभग तीन किलोग्राम वजनी एक टिफिन आईईडी, दो पाइप बम तथा अन्य नक्सली सामग्री बरामद की। बरामद टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल को सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर ही बीडीएस टीम द्वारा निष्क्रिय कर सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व बीएसएफ के सहायक कमांडेंट अंकुश कुमार, थाना प्रभारी कोयलीबेड़ा निरीक्षक निर्मल जांगड़े, बीएसएफ इंस्पेक्टर अनुज कुमार, उप निरीक्षक गंगा राम, उप निरीक्षक रजत जेफ, उप निरीक्षक रोशन लाल मीणा तथा डीआरजी टीम कमांडर प्रधान आरक्षक राम कृष्ण यादव सहित अन्य जवानों ने किया।
पुलिस का कहना है कि कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना, उनके हथियार और विस्फोटक भंडार को नष्ट करना तथा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



