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पशुधन विकास विभाग द्वारा इस वर्ष की जाएगी 21वीं पशुधन संगणना।

*पशुधन विकास विभाग द्वारा इस वर्ष की जाएगी 21वीं पशुधन संगणना*
*प्रतिभागियों को दिया गया प्रशिक्षण*
उत्तर बस्तर कांकेर,/ पशुधन संगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जो कि पशुधन विकास विभाग में बनने वाली पशु स्वास्थ्य हित एवं पशुपालको के विकास हेतु बनाई जाने वाली नीतियों, योजनाओं एवं इनके लक्ष्य निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण आधार है। यह प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार होती है। पिछली 20वीं संगणना वर्ष 2019 में की गई थी, तदोपरांत इस वर्ष 21वीं पशुधन संगणना माह सितम्बर 2024 में शुरु होने जा रही है। इस बार मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा संकलन को सरल व प्रभावी रुप से संपादित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा नागरिको एवं ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे पशु संगणना में सहयोग करे तथा अपने पशुओं की सही जानकारी प्रदान करे ताकि पशुधन एवं पशुपालकों के लिए बनने वाली योजनाओं व नीतियों के लिये मजबूत आधार तैयार हो तथैव राज्य व देश के आर्थिक विकास मे यह सहयोगी साबित हो सके।
कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में पिछले दिनों जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 122 प्रतिभागियो को प्रशिक्षण संभाग स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ पीयूष जैन द्वारा दिया गया।
पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा ने बताया कि जिले के 1087 ग्रामों व 96 शहरी वार्डों में 100 प्रगणक जो कि ग्रामों, शहरों में घर-घर जाकर डाटा संग्रह का कार्य संपादित करेंगे एवं इस कार्य के निरीक्षण हेतु 22 सुपरवाइजर भी नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण के दौर कलेक्टर ने सभी प्रतिभागियों को सर्वे कार्य गंभीरता से करने एवं सटीक व शुद्ध डेटा एकत्र करने निर्देशित किया गया। जिले के समस्त विकासखण्डों से आये चयनित प्रगणक एवं सुपरवाइजरों ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान आवश्यक चर्चा परिचर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी डॉ. एस.आर.चन्द्राकर, सहायक नोडल अधिकारी श्रीमति बनानी सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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