
विधायक नाग ने हजारों समर्थकों के साथ पेश किया आवेदन, दूसरी बार बतौर कांग्रेस प्रत्याशी लड़ने के लिए ठोका दावा
*पखांजूर में विधायक नाग ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज साहा को प्रस्तुत किया अपना आवेदन*
*मौके पर मौजूद हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने लगाया अनूप नाग जिंदाबाद के नारे*

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए अंतागढ़ विधानसभा से वर्तमान विधायक अनूप नाग की ओर से पुनः कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा की अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट से दावेदारी के लिए अंतागढ़ और आमाबेड़ा के बाद अब पखांजूर से पार्टी के समक्ष अपना आवेदन सोमवार को अपने हजारों समर्थकों के साथ मजबूत दावा प्रस्तुत कर दिया गया है। विधायक नाग की ओर से अंतागढ़ सीट के लिये उनका आवेदन प्रस्तुत करने के लिए प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष कांति नाग, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता टुलू भट्टाचार्य, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रजीत विस्वास एवं पीसीसी सदस्य सोहन हिचामी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अंतागढ़ के अध्यक्ष पंकज साहा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा 18 अगस्त से 22 अगस्त तक विधानसभाओं के दावेदारों की ओर से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन विधान सभाओं के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है। सोमवार को आवेदन प्रस्तुत करने के चौथे दिन पखांजूर में अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए आवेदन विधायक अनूप नाग की ओर से आया है। विधायक नाग की दावेदारी के दौरान समर्थन में हजारों की मात्रा में जिले से लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य मौजूद थे। अनूप नाग जिंदाबाद के नारों के साथ विधायक के समर्थक उनका आवेदन सौंपने पहुंचे थे।
*विगत चुनाव में बीजेपी के दिग्गज नेता विक्रम उसेंडी को करीबन 14 हजार के भारी मतों से विधायक नाग ने दी थी मात*
विधायक अनुप नाग छात्र जीवन से ही कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे है उन्होंने अपने कॉलेज के दौरान एनएसयूआई के साथ भी काम किया था इसके बाद वे शिक्षक बन गए जिसके पश्चात वे पुलिस विभाग में चले गए और डीएसपी के रूप में सेवानिर्वित होकर पुनः अपना बाकी जीवन क्षेत्र के लोगों के लिए समर्पित कर दिया। रिटायर्ड होने के पश्चात वे पुनः कांग्रेस से जुड़कर सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यस्त हो गए । विधायक नाग की तत्परता और जोश देखकर 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और अपने पहले ही चुनाव में तत्कालीन कांकेर लोकसभा से बीजेपी के सांसद एवं पूर्व मंत्री, पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को करीबन 14 हजार के भारी अंतर से हराकर ऐतिहासिक रूप से चुनाव जीते और बीजेपी के विजई रथ पर पूर्ण विराम लगा दिया। चुनाव जीतने के बाद भी विधायक नाग के जोश और तत्परता में कोई कमी नही आई बल्कि एक नई ऊर्जा और उम्मीद के साथ वे लगातार क्षेत्र के विकास में लगे रहे । आज की तारीख में विधायक नाग प्रदेश के सबसे तेजतर्रार और जनता के बीच सदैव मौजूद रहने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची में अव्वल स्थान आता है ।
*इनकी रही मौजूदगी*
जनपद पंचायत अध्यक्ष देवली नुरूटी, पवित्र घोष, हर्षित मृधा, निरंजन ढाली, उत्तम पाल, महादेव कुंडु, गजेन्द्र उसेंडी, राजाराम कोमरा, सुधींन अधिकारी, सूरज बिस्वास, गौर मण्डल, इंद्रजीत परमानिक, धर्मदास गोलदार, सुशीला मण्डल, अजित विस्वास, शंकर लाल उसेंडी, सालिकराम नेताम, अमल बनर्जी, मोतीलाल शील, स्वपन बिस्वास, मुकुल पाल, अनिमेष चक्रवर्ती, दामला मंडावी, निरंजन सरदार, सुरजू कोमरा, प्रकाश राणा, निशि बिस्वास, शंकर उसेंडी, रमेंन मण्डल, संजय बिस्वास, संजय कीर्तनिया, लालसुराम नुरूटी, संजीत मिस्त्री समेत हजारों की संख्या मे जिले से लेकर ब्लॉक, बूथ स्तर के हजारों कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ऍवं जनप्रतिनिधिगण गण मौजूद थे !



