छत्तीसगढ़

महिला वोटर्स की अधिकता वाले जिले में महिला गणना अधिकारी करेंगी वोटों की गिनती।

लैंगिक समानता लाने की जा रही अनूठी पहल सौंपे गए दायित्व में दक्षता लाने चार चरणों में दिया गया प्रशिक्षण तीनों विधानसभा क्षेत्र के लिए 196 महिला कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी।

महिला वोटर्स की अधिकता वाले जिले में महिला गणना अधिकारी करेंगी वोटों की गिनती
लैंगिक समानता लाने की जा रही अनूठी पहल
सौंपे गए दायित्व में दक्षता लाने चार चरणों में दिया गया प्रशिक्षण
तीनों विधानसभा क्षेत्र के लिए 196 महिला कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी

उत्तर बस्तर कांकेर, 02 दिसम्बर 2023/ विधानसभा निर्वाचन 2023 के तहत 07 नवम्बर 2023 को हुए मतदान के उपरांत रविवार 03 दिसम्बर की सुबह 08 बजे से मतगणना प्रारम्भ हो जाएगी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने महिला वोटर्स की अधिकता वाले कांकेर जिले में नवाचार करते हुए पहली बार मतगणना की कमान महिला हाथों में सौंपी है, जिसे उनके द्वारा बखूबी निभाई जाएगी। दूसरी तरफ जेंडर इक्विटी (लैंगिक समानता) को फोकस करते हुए पुरूषों की भांति महिलाओं को बराबरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि उनमें आत्मविश्वास और अधिक प्रबल हो और आने वाले समय में अपनी योग्यता और प्रतिभा को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सके।
दायित्व निर्वहन में दिक्कत न हो, इसलिए चार चरणों में दिया गया प्रशिक्षण
ग्राम नाथियानवागांव स्थित शासकीय पॉलिटेक्निक परिसर में सभी 196 महिलाओं को आज चौथे चरण का प्रशिक्षण दिया गया। इसके पहले, प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आज ग्राम नाथियानवागांव स्थित शासकीय पॉलिटेक्निक के मतगणना कक्ष में चौथे व अंतिम चरण प्रशिक्षण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. शुक्ला की मौजूदगी में दिया गया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मौजूद रहकर महिला मतगणना कर्मियों की न सिर्फ हौसला अफजाई की, बल्कि मतगणना से संबंधित सम्पूर्ण प्रक्रिया की सरल शब्दों में जानकारी देते हुए बेहतर ढंग से सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने प्रेरित व प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान उन्होंने लगातार प्रशिक्षु महिलाओं से व्यक्तिगत तौर पर दायित्वों के बारे में बताया तथा उत्साहवर्धन करते हुए किसी प्रकार से भयभीत नहीं होने की बात भी कही।
कॉल कर पूछा जा रहा, मतगणना ड्यूटी से मेरा नाम क्यों हट गया..?
निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण व अनिवार्य दायित्व से जहां कई शासकीय सेवक बचना चाहते हैं, वहीं मतगणना हेतु ड्यूटी लगवाने में महिलाओं में आश्चर्यजनक ढंग से प्रतिस्पर्धा देखी गई। आलम यह रहा कि मतगणना के लिए कम्प्यूटर के द्वारा रैण्डमाइजेशन के उपरांत जिन महिलाओं की ड्यूटी नहीं लगी, उन्होंने मायूस होकर उच्चाधिकारियों को कॉल कर बार-बार पूछती रहीं कि उनकी ड्यूटी क्यों नहीं लगाई गई, जबकि प्रशिक्षण में वह लगातार उपस्थित रहीं। निर्वाचन ड्यूटी को लेकर महिलाओं का ऐसा जुनून और जज्बा देख सभी ने उनकी सराहना की। उन्हें समझाइश देते हुए बताया गया कि नामों का चयन चूंकि कम्प्यूटर द्वारा किया गया है और जितने गणना कर्मियों की आवश्यकता थी, वह पूरी हो चुकी है। इस तरह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में पहली बार किए जा रहे नवाचार की चहुंओर सराहना की जा रही है।

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