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मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् नारायणपुर जिले में लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर।

अब तक नारायणपुर जिले के 26 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दी जा रही है दवाईंया

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् जिले में लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर।

अब तक जिले के 26 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दी जा रही है दवाईंया

नारायणपुर  – राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् जिले के नारायणपुर तथा ओरछा विकासखंड के सभी हाट बाजारों में प्रत्येक सप्ताह लगने वाली हाट-बाजारों में स्वास्थ्य शिविर में जॉच और इलाज की सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। वहीं मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। जिले में लग रही हाट-बाजारों में 1 अप्रैल 2023 से 4 सितंबर 2023 तक 26 हजार 656 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाईयां दी गयी है। इस योजना से ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके इसके लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर के बारे में लोगों को जानकारी देकर निरंतर जन जागरूकता के माध्यम से दी जा रही है। विकासखंड नारायणपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम बेनूर, गोहड़ा, फरसगांव, रायनार तथा ओरछा विकासखंड के आकाबेड़ा, सोनपुर, कोहकामेटा आदि के साप्ताहिक हाट-बाजारों में आये ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना बहुत ही फायदेमंद है। इस योजना के बारे में ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब हमारे स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार ने खुद उठा ली है। परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य जांच के लिए बाजार में लगे हाट-बाजार में भी लाते हैं। हाट-बाजार में नियमित क्लीनिक लगने से अब पहले की अपेक्षा अब अस्पताल जाने नहीं पड़ता। ग्रामीण अपनी दैनिक उपयोग की सामग्री क्रय करने हेतु साप्ताहिक बाजार में आते हैं। जहां खरीदी के साथ-साथ वे अपने स्वास्थ्य की भी जांच करवा लेते हैं। दुर्गम इलाकों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
छत्तीसगढ राज्य में शुरू की गई मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा जन-जन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (02 अक्टूबर 2019) पर पूरे प्रदेश में यह योजना लागू की गई। प्रदेश के कई जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में न जाने कितने ऐसे इलाके हैं, कितने गांव हैं, जहां से निकलकर जिला मुख्यालय तक की दूरी तय कर इलाज के लिए अस्पताल आना लोगों के लिए बेहद कठिन एवं जोखिम होता था। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर हो रही थी, यहां प्रत्येक दिन मलेरिया से लेकर दूसरी अन्य बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले लेती है। गर्भवती महिलाओं के लिए इन इलाकों से निकलकर अस्पताल जाना बेहद कठिन होता था। इस योजना के माध्यम से स्वास्थ्य अमला हाट-बाजारों में शिविर लगाकर लोगों का इलाज करने के साथ ही निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराई जाती है, इससे ग्राम के ही नजदीक ग्रामवासी अपने स्वास्थ्य का परीक्षण और उपचार कराते हैं।
मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजनांतर्गत जिले के सभी हाट-बाजारों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, प्रसवपूर्व संपूर्ण जांच एवं पूर्ण टीकाकरण सहित बी.पी, शुगर, मलेरिया, जांच कीट के माध्यम से पैथालाजी जांच, नेत्र जांच, जागरूकता के अभाव में होने वाले अकाल मृत्यु को रोकना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, कुपोषण दर कम करना आदि है। जिले में लगाये जा रहे हाट-बाजार में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी, डायरिया, कुपोषण, एनीमिया, सिकलसेल, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के साथ ही गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन के अलावा गर्भधारण परीक्षण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चर्म रोग और एच.आई.वी. की भी जॉच की जा रही है। पहले जानकारी के अभाव एवं अशिक्षा के कारण अंदरूनी एवं पहुंचविहीन इलाकों के ग्रामीणों का समय पर इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु तक हो जाती थी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना अब बेहद लाभदायक सिद्ध हो रहा है।

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