टिकट के दावेदारों का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस के पर्यवेक्षक डॉ नामदेव उसेण्डी के अन्तागढ़ प्रवास के दौरान,,,प्रत्याशियों के पक्ष में जमकर हुई नारेबाजी
अन्तागढ़ विधानसभा के लिए कई दिग्गजों की है दावेदारी, टिकट की आस में दावेदार ,,,कर रहे लगातार जनसम्पर्क। किसको मिलेगी टिकट कौन रहेंगे प्रतीक्षा में दिलचस्प ,,

अंतागढ़ : 2023 विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है सभी पार्टियां प्रत्याशी चयन के लिए रायशुमारी में लग चुके हैं तो वहीं बीजेपी ने कुछ स्थानों पर अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है।

वहीं अंतागढ़ विधानसभा की बात की जाए तो कांग्रेस पार्टी में टिकट के लिए भारी कश्मकश को देखने को मिल रहा है।एक दर्जन से भी अधिक दावेदार टिकट के लिए आवेदन लगये हुए है जिसमें से वर्तमान विधायक अनूप नाग के अलावा जनपद अध्यक्ष बद्री गावड़े कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभद्रा सलाम एवं रूप सिंह पोटाई प्रमुख दावेदार के रुप में नजर आ रहे हैं।
कल जिस प्रकार से पार्टी के पर्यवेक्षक डॉ नामदेव उसेंडी के समक्ष पखांजूर व अंतागढ़ मे इन प्रमुख दावेदारों द्वारा अपने समर्थकों के साथ शक्ती प्रदर्शन कर टिकट के लिए दावेदारी पेश करते नजर आये कहीं ना कहीं पार्टी में गुटबाजी व अंतर्कलह भी खुलकर नजर आया। जहां पखांजूर में विधायक अनूप नाग अपने हजारों समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए तो वही रूपसिंह पोटाई भी अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते दिखे। वहीं अंतागढ़ के फारेस्ट रेस्ट हाउस में बद्री गावड़े के समर्थन में सैकड़ों युवक-युवतियों द्वारा नारेबाजी करते हुए उनके लिए टिकट की मांग करते दिखे। विधायक नाग के समर्थक यहां पर भी पूरे जोश के साथ पर्यवेक्षक के समक्ष शक्ति प्रदर्शन करते नजर आये।
विपक्ष बाद में पहले अपनो से कड़ी चुनौती…
पर्यवेक्षक के समक्ष दावेदारों द्वारा शक्ति प्रदर्शन कर टिकट की मांग वर्तमान विधायक के प्रति नाराजगी कहीं ना कहीं पार्टी के लिए चिंता का विषय है।पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौति टिकट वितरण पश्चात दर्जन भर से अधिक दावेदार व उनके समर्थकों की नाराजगी को दूर करने की होगी। टिकट वितरण में हर एक पहलूओं को गौर कर सर्वसम्मति से टिकट फायनल करना होगा जिससे कि घोषित प्रत्याशी के प्रति कोई नाराजगी ना हो। चूंकि टिकट की रायशुमारी में ये बात भी सामने आया है कि कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं व कुछ संगठनों ने इस बार का टिकट किसी नये चेहरे को देने की मांग पार्टी समक्ष रखा है। इन सब बातों से कहीं ना कहीं एक बात तो स्पष्ट नजर आ रहा है कि वर्तमान विधायक के प्रति उनके ही कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। जिस प्रकार के वर्तमान हालात कांग्रेस पार्टी में नजर आ रहा है आने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों से तो बाद में पहले अपने ही लोगों से कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

