सिकसोड़ हायर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान आयोजित.

सिकसोड़ हायर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान आयोजित
कोयलीबेड़ा। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सिकसोड़ में राष्ट्रीय तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को तंबाखू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोयलीबेड़ा से पहुंचे डेंटिस्ट डॉ. सत्यप्रकाश सोनी एवं डायटिशियन परमिता मंडल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तंबाखू के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि तंबाखू का प्रयोग न केवल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करता है। विद्यार्थियों को तंबाखू से दूरी बनाए रखने तथा अपने परिवार और समुदाय को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रश्नावली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परिणामस्वरूप कुमारी विद्या आंचला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, कुमारी सत्या तेता द्वितीय स्थान पर रहीं तथा कुमारी काजल पोटाई ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और अन्य विद्यार्थियों को भी भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य मानवेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाखू का सेवन जीवन के लिए अत्यंत हानिकारक है और युवाओं को इसके प्रति सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी जागरूकता गतिविधियाँ विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देती हैं। कार्यक्रम में व्याख्याता हरीश वैका, ललिता समरथ, सतीश बघेल, विवेक एक्का, सुकमल बिस्वास, अजय वर्मा, छन्नू साहू, शुभम महाराणा तथा जयंत गावड़े सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समुदाय के बीच तंबाखू सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता फैलाना तथा तंबाखूमुक्त समाज की दिशा में सकारात्मक कदम उठाना था। अंत में स्वास्थ्य टीम और शिक्षकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे तंबाखू के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के अभियान को निरंतर जारी रखेंगे।

