इको क्लब जिरामतराई के बच्चों का उदनपुर शैक्षणिक भ्रमण, मिली महत्वपूर्ण जानकारियाँ

इको क्लब जिरामतराई के बच्चों का शैक्षणिक भ्रमण, मिली महत्वपूर्ण जानकारियाँ
कोयलीबेड़ा । शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जिरामतराई के इको क्लब द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने शासकीय हाईस्कूल उदनपुर का भ्रमण कर वहाँ की व्यवस्थाओं, शैक्षणिक गतिविधियों एवं संसाधनों को नज़दीक से देखा और समझा।
भ्रमण के दौरान बच्चों को सबसे पहले विद्यालय के प्रतिभावान छात्रों की उपलब्धियों से अवगत कराया गया, जिससे उनमें शिक्षा और प्रतियोगी गतिविधियों के प्रति उत्साह जागृत हुआ। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा शौचालयों के उचित एवं नियमित उपयोग की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि स्वच्छता का पालन केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए आवश्यक है।
पुस्तकालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों की सूची, विषयवार वर्गीकरण और पुस्तकें प्राप्त करने एवं वापस करने की प्रक्रिया समझाई गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि पुस्तकालय से नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने से उनकी ज्ञान वृद्धि होगी।
कंप्यूटर कक्ष में छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझाया गया तथा कंप्यूटर के मूलभूत प्रयोगों से अवगत कराया गया। वहीं कक्षा संचालन एवं शाला कार्यालय की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन कराया गया, जिससे बच्चों को विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के संचालन की जानकारी मिली।
खेलकूद सामग्री से परिचय कराते हुए उन्हें खेलों के महत्व और शारीरिक विकास में उनकी भूमिका बताई गई। सभा कक्ष में जाकर बच्चों को वहाँ आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी एवं संचालन की जानकारी दी गई।
यह पूरा भ्रमण संकुल समन्वयक एवं संस्था प्रभारी श्री विमल ठाकुर के मार्गदर्शन तथा उदनपुर विद्यालय के प्राचार्य श्री दिनेश्वर बघेल के सहयोग से संपन्न हुआ। प्राचार्य श्री बघेल ने बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विस्तार से जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर व्याख्याता श्री गिरीश गजबल्ला, श्रीमती ज्योति सिंह, श्री दीप नारायण, श्री जगलाल कमलवंशी, श्रीमती रीना आचला एवं श्री कमलेश देवांगन भी उपस्थित रहे।
बच्चों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बताया। उनका कहना था कि ऐसे भ्रमण न केवल शिक्षा के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराते हैं, बल्कि आगे बढ़ने और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं।



