वनों को बचाने वन विभाग की अनोखी पहल। कला जत्था के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक।

वनों को बचाने वन विभाग की अनोखी पहल। कला जत्था के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक।
कोयलीबेड़ा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग परिक्षेत्र कोयलीबेड़ा द्वारा घटते वन क्षेत्रों और वन संरक्षण सबंधी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम के तहत नाट्य दलों के साथ ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान कला जत्था टीम द्वारा कोयलीबेड़ा परिक्षेत्र के विभिन्न गांवो में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वनों को आग से बचाने व अवैध कटाई से लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारीयां लोगो को दी जा रही हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इस कार्यक्रम को देखने उमड़ रहे हैं।

कोयलीबेड़ा बाजार स्थल में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ो ग्रामीणों ने हिस्सा लिया व विभिन्न जानकारियां हासिल की इस दौरान ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए परिक्षेत्र अधिकारी कोयलीबेड़ा दिलीप सिन्हा ने कहा कि जंगल और मनुष्य का गहरा संबंध और परस्पर निर्भर हैं और इस प्रकार इस वर्तमान समाज में जंगल की सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि सबसे महत्वपूर्ण उपहार जो आने वाली पीढ़ियों को दिया जा सकता है वह प्रकृति की हरियाली है और इसके लिए लोगों को जंगल को बनाए रखने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमने सिर्फ सुना है कि किसी जमाने मे डायनासोर इस पृथ्वी पर हुआ करते थे परंतु आज नही हैं ,ये वाकया वनों के साथ भी हो सकता है अगर हम आज जागरूक नही हुए तो।
यह कहते हुए कि वन विभाग वन संरक्षण की जिम्मेदारी लेने वाला एकमात्र विभाग नहीं है, उन्होंने जनता से दुनिया में हरियाली लाने के लिए हाथ मिलाने और ‘वन महोत्सव’ के हिस्से के रूप में साल में कम से कम 10 पेड़ लगाने की अपील की।
लोगों के कारण जंगल में लगने वाली आग के मुद्दे की ओर ध्यान दिलाते हुए दिलीप सिन्हा ने कहा कि कुछ ही दिनों में महुआ संग्रहण शुरू होगी और इस दौरान अक्सर देखने को मिलता है कि लोग पेड़ के नीचे सूखे पत्तों को हटाने आग लगा देते हैं और यह आग जंगलों में पहुंच जाता है तो ध्यान रखें कि पेड़ो के नीचे आग न लगाएं झाड़ू लगाकर साफ करें और साफ सुथरा महुआ का मूल्य भी अधिक मिलता है इसका ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की वनोपज के लिए पेड़ो को नुकसान न पहुंचाएं ये आज फल दे रहे हैं और कल भी देंगे इसकी जानकारी भी जरूरी है। उन्होंने जनता से प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने की अपील की क्योंकि यह अत्यधिक विषाक्त पदार्थ फैलाता है और वन्य जीवन और पर्यावरण को खतरे में डालता है।

कार्यक्रम के दौरान कोयलीबेड़ा परिक्षेत्र अधिकारी दिलीप सिन्हा, परिक्षेत्र के समस्त कर्मचारीगण, वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चन्दरमल कौशल, वनाधिकार समिति के सन्तोष देहारी,पवन वड्डे, रेशलाल पटेल,रिंकू सहारे व अन्य उपस्थित रहे।

