
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

कांकेर। मानसिक सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मकसद से पूरी दुनिया में 20 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसी तारत्मय में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के मार्गदर्शन एवं मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. अलका केरकेट्टा के नेतृत्व में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों द्वारा नुकड़ नाटक के माध्यम से मानसिक रोग, सामान्य मानसिक समस्या उनके लक्षण एवं निवारण को दिखाया गया। मानसिक रोग जैसे स्कीजोफ्रेनिया, बी.पी.ए.डी., ओ.सी.डी., बैाद्विक अक्षमता अवसाद, तनाव, इक्जाम फीयर के लक्षणों को नुकड़ नाटक के द्वारा बताते हुए उसके उपचार के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने अपने उदबोधन में बताया की मानसिक रोग कोई अभिशाप या जादू-टोना नही है। कि इसके इलाज के लिए किसी बैगा गुनिया के पास जाये। मनोरोग के उपचार के लिए मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक को दिखा कर अपना उपचार करा सकते हैं। हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.एस.आर.बंजारे ने कहा अच्छा मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं फिर भी वैश्विक स्तर पर आठ में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के साथ जी रहा हैं जो उनके मानिसक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य एवं उसके अजीविका को प्रभावित करते है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, अतिथि प्राध्यापकगण एवं मनोविज्ञान विभाग के देवेन्द्र कुमार, शीतल कुमारी एवं नीलम साहू उपस्थित रहे।



