
मितानिनों को कार्यक्षेत्र में और अधिक दक्ष बनाने दिया गया 28वा चरण का प्रशिक्षण।

कोयलीबेड़ा। कोयलीबेड़ा ब्लाक अंतर्गत पोषण एवं पुनर्वास केन्द्र में आयोजित 6 दिवसीय मितानीन प्रशिक्षण का 9 फरवरी को समापन हुआ। 28वें चरण का यह आवासीय प्रशिक्षण 4 फरवरी से शुरु हुआ था। प्रतिदिन सुबह 10 से शाम के 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के समस्त 13 सेक्टरों की 116 मितानिनों ने लिया हिस्सा।
इस संबंध में मितानीन प्रशिक्षक देवलाल नेताम ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य मितानिनों को उनके कार्यक्षेत्र में और अधिक दक्ष बनाना है ताकि वे गांव में लोगों की परेशानियों को बेहतर ढंग से समझकर उसका निदान कर सकें। ब्लाक समन्वयक दीपिका मण्डल ने बताया कि गैर संचारी रोगों की रोकथाम , तंबाकू व उसके दुष्प्रभाव, शराब से होने वाली बीमारी, कैंसर, आयोडीन की कमी से होने वाले रोग, एनीमिया, सिकलसेल, जैसे बीमारी व उससे बचाव के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। मितानीन हेमा हुपेंडी ने बताया कि उन्हे इस प्रशिक्षण से बहुत कुछ नया सीखने को मिला है। बच्चों के सम्पूर्ण विकास, उम्र के अनुसार शारीरिक व मानसिक विकास के लिए जरूरी बातों को प्रशिक्षण में बताया गया । स्वस्थ्य पंचायत समन्वयक भुनेश्वर साहू ने बताया कि मितानिनों को फील्ड में आने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में उन्हे आवश्यक बातों को बताया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबंधित प्रशिक्षण दिया। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान, गर्भवती माताओं में खतरे के लक्षण, बचाव, सुरक्षित गर्भपात, रक्तचाप बढने के कारण एवं बचाव, सुरक्षित प्रसव, स्तनपान, क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, टीकाकरण, कृमि मुक्ति कार्यक्रम, वृद्धावस्था में देखभाल, दस्त नियंत्रण, मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, फाइलेरिया उन्मूलन के बारे में बताया गया है।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डॉ राकेश बनपाल, ब्लॉक समन्वयक दीपिका मण्डल, स्वस्थ्य पँचायत समन्वयक भुनेश्वर साहू, प्रशिक्षकों में देवलाल नेताम,आनंद मण्डल, रासमनी हलधर, खोजबाई श्रीवास, सविता ध्रुव, रन्नो कतलाम, जानकी गावड़े, दशमतीन नरेटी, रामो नरेटी, अहिमती नरेटी और कौशल विश्वास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



