
रैबीज़ रोग से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार रथ रवाना
उत्तर बस्तर कांकेर /विश्व रैबीज़ दिवस के अवसर पर जिले में रैबीज़ रोग के संबंध में जन-जागरूकता बढ़ाये जाने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री रोहित वर्मा के द्वारा प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, जिसका बचाव पूर्णतः संभव है। रेबीज़ कुत्ते, बिल्ली, बन्दर, भालू, चमगादड़ आदि जानवरों के काटने व खरांचने से होता है। रेबीज़ से बचाव हेतु घाव को साबुन और बहते साफ पानी से धोएं व स्प्रिट, अल्कोहल या घरेलू एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें। घाव पर मिर्ची, सरसो का तेल इत्यादि पदार्थ न लगायें और अंधविश्वास से बचें। नजदीकी शासकीय चिकित्सालय में जायें और चिकित्सक से परामर्श अनुसार निःशुल्क टीकाकरण का कोर्स पूरा करें तथा समय-समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवायें।



