आदर्श बालक आश्रम पानीडोबीर में बच्चों को मिली परीक्षा तैयारी व लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा।
आदर्श बालक आश्रम पानीडोबीर में बच्चों को मिली परीक्षा तैयारी व लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा।


कोयलीबेड़ा। आदर्श बालक आश्रम पानीडोबीर में अध्ययनरत बच्चों के लिए परीक्षा तैयारी, लक्ष्य निर्धारण और उसे हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम के महत्व पर एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। आश्रम में पहली से पाँचवी कक्षा तक के लगभग 50 बच्चे छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न विद्यालयों और छात्रावासों के शिक्षकों को आमंत्रित किया जाता है, ताकि उनके अनुभवों और मार्गदर्शन से बच्चों को प्रेरणा मिल सके।
आश्रम अधीक्षक भुनेश्वर समरथ ने बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचल के बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही अपने भविष्य के प्रति सजग और लक्ष्य के प्रति गंभीर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब बच्चे छोटी कक्षाओं से ही अनुशासन, नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन को अपनाते हैं, तो आगे चलकर वे बड़ी सफलताएं प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उदनपुर हाई स्कूल के प्राचार्य दिनेश्वर बघेल ने बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने प्रयास विद्यालय, नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय और आदर्श विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं के बारे में सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि इन संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए नियमित अभ्यास, मूलभूत विषयों की मजबूत तैयारी और आत्मविश्वास बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों को अभी से छोटा-छोटा लक्ष्य तय कर पढ़ाई करने की सलाह दी और कहा कि निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए इन परीक्षाओं के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होते हैं, इसलिए उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए सजग रहना चाहिए।
वहीं कोतुल आश्रम शाला के अधीक्षक श्याम दुग्गा ने छात्रावास की नियमित दिनचर्या, अनुशासन और सामूहिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को समय पर उठने, पढ़ाई करने, खेलकूद में भाग लेने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि छात्रावास जीवन बच्चों को जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और सामूहिक सहयोग की भावना सिखाता है, जो उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विभिन्न विषयों पर प्रश्न भी पूछे। अंत में बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने शिक्षकों का सम्मान करने और जीवन में ऊंचा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया। इस प्रेरक मार्गदर्शन से बच्चों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ तथा उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया।



