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ऑनलाइन पेमेंट और आधार लिंक के नाम पर बढ़ रही धोखाधड़ी: सतर्क रहें, जागरूक बनें।

ऑनलाइन पेमेंट और आधार लिंक के नाम पर बढ़ रही धोखाधड़ी: सतर्क रहें, जागरूक बनें।

कोयलीबेड़ा। डिजिटल पेमेंट की बढ़ती सुविधा के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कांकेर जिले सहित कई इलाकों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ कुछ लोग दुकानों पर पहुंचकर नकद सामान लेने के बाद नकली ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों को ठग रहे हैं।

कैसे हो रही है धोखाधड़ी?

ठग ग्राहक बनकर दुकान पर आते हैं और समान खरीदते हैं।

भुगतान के नाम पर नकली UPI ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट दिखाते हैं।

दुकानदार स्क्रीनशॉट देखकर भुगतान हुआ समझ बैठते हैं, जबकि असल में कोई राशि ट्रांसफर नहीं हुई होती।

कुछ मामलों में QR कोड स्कैन करने के बहाने फोन में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी की जा रही है।

आधार लिंक और एपीके फाइल से भी खतरा

दूसरे तरीके में ठग आधार कार्ड लिंक करने के नाम पर मोबाइल पर एक APK (एंड्रॉइड एप्लिकेशन फाइल) भेजते हैं। इस फाइल को इंस्टॉल करते ही फोन का नियंत्रण हैकर के पास चला जाता है।

मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप, OTP, संपर्क सूची और SMS हैकर के पास पहुँच जाते हैं।

इसके बाद वे खाते से पैसा निकाल लेते हैं या अन्य फर्जीवाड़ा करते हैं।

सावधानी ही सुरक्षा है

1. किसी भी ग्राहक द्वारा दिखाए गए स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।

हमेशा बैंक ऐप या UPI ऐप में जाकर भुगतान की पुष्टि करें।

 

2. अज्ञात लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड न करें।

खासकर जब वह व्हाट्सएप या SMS के जरिए आए हों।

 

3. आधार, बैंक या UPI से संबंधित कोई भी कार्य सरकारी ऐप या आधिकारिक वेबसाइट के ज़रिए ही करें।

4. किसी को भी अपने मोबाइल या बैंकिंग ऐप का एक्सेस न दें।

 

प्रशासन की अपील

कोयलीबेड़ा पुलिस और साइबर सेल की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे इस तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।

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