सर्व अनुसूचित जाति समाज ने आदिवासी समाज के ब्लाक अध्यक्ष विश्राम गावडे़ के कथनों पर जताई आपत्ति

*सर्व अनुसूचित जाति समाज ने आदिवासी समाज के ब्लाक अध्यक्ष विश्राम गावडे़ के कथनों पर जताई आपत्ति
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अंतागढ़ : आज दिनांक 27/09/2013 को मंगल भवन अंतागढ़ मे सर्व अनुसूचित समाज द्वारा बैठक आयोजित की गई। जिसमें दिनांक 25 तारीख को जनपद पंचायत अंतागढ़ में अंतागढ नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत नवीन तहसील कार्यालय बनाए जाने हेतु चर्चा की गई थी इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष विश्राम गावडे द्वारा संबोधित करते हुए एसी समाज को अंकित करते हुए कुछ लोगो को छोड़कर उत स्थान पर ST.SC OBC समाज के लिए स्थान को आरक्षित किये जाने की बात कही गई।विश्राम गावडे के कथन से ऐसा प्रतीत हुआ कि वो SC समाज को बांटने और भेद भाव की बात कही गई साथ ही अपने उद्बोधन के दौरान “हरिजन” शब्द का भी प्रयोग किया गया जिसका हम समस्त अनुसूचित जाति वर्ग के भावनाओं को ठेस पहुंचा हम सब उनके कहे गये कथन का पुरजोर निंदा करते है। हम विश्राम गावडे से इस बात को भी जानना चाहते है कि SC समाज मे किन्हे छोडकर के कहने की बात कह रहे थे। जबकि बस्तर क्षेत्र में निवासरत लगभग सभी अनुसूचित जाति समुदाय के लोग बस्तर के सभी देवी-देवताओं को मानते हैं साथ ही बस्तर के लगभग सभी रीती-रीवाजों के अनुसार ही हर तरह के त्यौहारों व उत्सवों को मनाते हैं। आखिर विश्राम गावडे ने किस एससी समाज को कहा उनके उक्त कथन का सम्पूर्ण SC समाज में रोष व्याप्त है।
वहीं इस संबंध पर दुष्यंत कुमार कन्नौजे अहिरवार समाज ब्लाक अध्यक्ष व तरूण खापर्डे बौद्ध समाज का कहना था उक्त मामले में विश्राम गावड़े द्वारा दिया गया बयान में इस बात का स्पष्टता नहीं था कि आखिर अनूसूचित जाति वर्ग के वो कुछ लोग कौन है जिसको उनके द्वारा शामिल नहीं किया जा रहा है एक तरफ तो कहते है कि उक्त भूमि सर्व आदिवासी सर्व पिछड़ा वर्ग व सर्व अनुसूचित जाति के लिए है और एक तरफ कहते हैं कुछ अनुसूचित जाति वर्ग को छोड़कर आखिर इसे हम क्या समझे..
वहीं इस मामले में सर्व आदिवासी समाज के ब्लाक अध्यक्ष विश्राम गावडे़ ने कहा कि हां मैंनें अपने संबोधन में इस बात को जरूर कहा था कि कुछ अनुसूचित जाति के लोगों को छोड़कर लेकिन समाज के वो लोगों को लिये कहा जो अनुसूचित जाति के होते हुए भी बस्तर की संस्कृति को नहीं मानते यहां के देवी-देवताओं को नहीं पूजते।

