नक्सलवाद के साये से तिरंगे की शान तक, अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों में लहराया राष्ट्रध्वज

नक्सलवाद के साये से तिरंगे की शान तक, अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों में लहराया राष्ट्रध्वज.
नक्सल प्रभावित इलाकों में तिरंगे के साथ दिखी राष्ट्रभक्ति, ग्रामीणों में बढ़ा विश्वास
नारायणपुर, 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के प्रति एकता, विश्वास और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय मुख्यालय BSF रायपुर के अधीन 129वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने अबूझमाड़ के अत्यंत सुदूर और अंदरूनी क्षेत्रों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित पहुंच वाले इन इलाकों में आयोजित अभियान के दौरान ग्रामीणों और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कोरोस्कोडो, हचेकोटी, अदनार, मरकाबेड़ा सहित आसपास के गांवों में ग्रामीणों ने गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा थामा तथा अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के प्रति अपनी आस्था और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
अबूझमाड़ के जिन क्षेत्रों में लंबे समय तक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण बाहरी लोगों और सुरक्षा बलों की पहुंच सीमित रही है, वहां BSF की मौजूदगी में इस तरह का व्यापक राष्ट्रध्वज अभियान आयोजित होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के साथ सहजता से सहभागिता की और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत किया। गांवों में तिरंगे के साथ ग्रामीणों और बच्चों की भागीदारी ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
अभियान के दौरान BSF जवानों ने ग्रामीणों और बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज वितरित करने के साथ ही चॉकलेट और बिस्किट भी दिए। जवानों की इस पहल से बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ग्रामीणों ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपने घरों पर तिरंगा लगाया। सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच संवाद तथा आपसी सहभागिता ने इस कार्यक्रम को केवल एक राष्ट्रध्वज अभियान न बनाकर जनसंपर्क और विश्वास निर्माण की पहल का स्वरूप दिया।
अबूझमाड़ के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामीणों की यह उत्साहपूर्ण भागीदारी क्षेत्र में बदलते सामाजिक माहौल की तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। जिन इलाकों में कभी अलगाव और भय का प्रभाव रहा, वहां अब ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास तथा जुड़ाव बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने के साथ उन्हें देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया।
BSF द्वारा लगातार दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करने और जनसहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा बलों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास का वातावरण मजबूत करना और शांति तथा विकास की प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इसी व्यापक प्रयास की एक कड़ी के रूप में सामने आया।
अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों में ग्रामीणों द्वारा सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराना और बच्चों का उत्साह के साथ अभियान में शामिल होना क्षेत्र में राष्ट्रीय भावना की मजबूत होती तस्वीर पेश करता है। यह आयोजन संदेश देता है कि देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना भौगोलिक सीमाओं से परे है और देश के सबसे दुर्गम इलाकों तक भी तिरंगे की शान और स्वतंत्रता दिवस का उत्साह पहुंच रहा है। नक्सलवाद के साये से तिरंगे की शान तक, अबूझमाड़ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान विश्वास, सहभागिता और बदलाव के नए अध्याय की तस्वीर पेश करता नजर आया।




