बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें नष्ट — आर्थिक संकट में किसान. आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें नष्ट — आर्थिक संकट में किसान
कोयलीबेड़ा (कांकेर)।
अंतागढ़ क्षेत्र के कई किसानों की महीनों की मेहनत इस वर्ष बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गई है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल अचानक हुई बारिश से बर्बाद हो गई। कई स्थानों पर धान की फसल खेतों में गिर गई, जिससे उसमें अंकुरण शुरू हो गया है। लगातार नमी बने रहने से कीट-पतंगों और बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति पर यूथ विंग जिला अध्यक्ष शिव पोटाई ने कहा कि —
> “इस बार बेमौसम बारिश और कीट प्रकोप के कारण फसल उत्पादन में भारी गिरावट आई है। किसानों की कमर टूट गई है। शासन को चाहिए कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा राशि शीघ्र किसानों को प्रदान की जाए ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।”
वहीं प्रदेश संगठन मंत्री राजू सलाम ने बताया कि —
> “कांकेर जिले के किसानों की खरीफ फसलें जैसे धान, मक्का, अरहर और उड़द आदि भारी वर्षा और जलभराव से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई जगहों पर फसलें पूरी तरह गल-सड़ चुकी हैं।”
ब्लॉक अध्यक्ष सुनहेर हिड़को ने कहा कि —
> “कई स्थानों पर खेतों में लगातार पानी भरे रहने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा और बेमौसम बारिश से क्षेत्र के किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।”
नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित ग्रामों का राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे कराया जाए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत संबंधित बीमा कंपनी को सूचित किया जाए, ताकि किसानों को शीघ्र बीमा दावा राशि का भुगतान मिल सके। साथ ही, जिला प्रशासन से राहत सहायता हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने और प्रभावित किसानों की कर्ज माफी की भी मांग की गई है।
इस दौरान करन उइके, सुरेंद्र कड़ियाम, मगाय दुग्गा, बारसु हुपेंडी, हेमराज दुग्गा (यूथ विंग जिला उपाध्यक्ष), और अजय दुग्गा भी उपस्थित रहे।



