कौड़ोसालेभाट पंचायत को माइंस प्रभावित क्षेत्र में शामिल करने की मांग तेज।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा – मनेगांव तक पहुंच रहा माइंस का लाल पानी

कौड़ोसालेभाट पंचायत को माइंस प्रभावित क्षेत्र में शामिल करने की मांग तेज
ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा – मनेगांव तक पहुंच रहा माइंस का लाल पानी
कोयलीबेड़ा । कोयलीबेड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कौड़ोसालेभाट को माइंस प्रभावित क्षेत्र में शामिल करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण कलेक्टर नीलेश महादेव क्षिरसागर से मिले और ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत का आश्रित ग्राम मनेगांव मेटाबोदेली माइंस से केवल चार किलोमीटर दूर है, जबकि पंचायत मुख्यालय भी खदान से महज सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों ने कहा कि मनेगांव तक माइंस का लाल पानी पहुंच चुका है, जिससे खेती-किसानी और पेयजल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद कौड़ोसालेभाट पंचायत को माइंस प्रभावित क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है, जो कि ग्रामीणों के अनुसार न्यायसंगत नहीं है।
विकास कार्यों से वंचित पंचायत
ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा कि पर्यावरणीय दृष्टि और दूरी दोनों ही आधार पर देखा जाए तो पंचायत पूर्णतः प्रभावित है। यदि इसे सूची में शामिल किया जाता है तो यहां के निवासियों को शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ मिल सकेगा। फिलहाल पंचायत इन सभी सुविधाओं से वंचित है।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
कलेक्टर नीलेश महादेव क्षिरसागर ने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि मामले की जांच जल्द कराई जाएगी तथा उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब तक कौड़ोसालेभाट को आधिकारिक रूप से माइंस प्रभावित क्षेत्र की सूची में शामिल किया जाता है।

