मेटाबोदेली माइंस पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सांसद भोजराज नाग बोले – वादे पूरे नहीं हुए तो खदान बंद होगी.

मेटाबोदेली माइंस पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सांसद भोजराज नाग बोले – वादे पूरे नहीं हुए तो खदान बंद होगी

कोयलीबेड़ा । कोयलीबेड़ा ब्लॉक के मेटाबोदेली माइंस को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने आज सांसद भोजराज नाग की मौजूदगी में सभा कर अपनी समस्याएं रखीं। सभा में विभिन्न पंचायतों के सरपंचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माइंस प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और खदान बंद करने की मांग दोहराई।
भैंसासुर सरपंच मिथिला बघेल ने कहा कि माइंस की गाड़ियों से रास्ता पूरी तरह खराब हो चुका है।
> “स्कूली बच्चों को धूल-धक्कड़ से परेशान होना पड़ता है, वे हमेशा स्कूल के लिए लेट हो जाते हैं। जब तक सड़क ठीक नहीं होती, माइंस बंद रहना चाहिए।”
चारगांव सरपंच राजबाई उसेंडी ने भी समर्थन करते हुए कहा,
> “अब रोड बने या कुछ और हो, माइंस बंद होना ही अच्छा है।”
छोटेबोदेली सरपंच केदूराम पोटाई ने माइंस प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
> “न अंग्रेजी स्कूल खोला गया, न ही सुविधायुक्त अस्पताल। सड़कों का हाल सबसे खराब है। पहले वादे पूरे करें, फिर खनन करें।”
पोरोंडी सरपंच नारद राम ध्रुव ने शिकायत की कि पंचायत के विभाजन के बाद उन्हें प्रभावित क्षेत्र की सूची से हटा दिया गया और अब किसी भी तरह का लाभ नहीं मिलता।
सुरेवाही सरपंच सरवन दुग्गा ने कहा,
> “आज भी स्कूल पंचायत भवन में लग रहा है। सड़के जर्जर हो चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्र की लगातार अनदेखी हो रही है।”
कोदागांव सरपंच सरिता नेगी ने कहा कि उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए आंदोलन किया था, लेकिन बिना मरम्मत किए ही गाड़ियां फिर से चलने लगीं।
> “यह अन्याय अब नहीं चलेगा। जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, माइंस बंद रहनी चाहिए।”
सामाजिक कार्यकर्ता संत राम सलाम ने आरोप लगाया,
> “माइंस प्रबंधन समिति बनाकर साल में एक करोड़ रुपये देने की बात कहती है ताकि ग्रामीण आपस में लड़ते रहें।जबकि उन्हें क्षेत्र के विकास के लिए काम करना चाहिए.लेकिन यह सब अब बर्दाश्त से बाहर है। प्रभावित क्षेत्र में कोई सुविधा नहीं है, माइंस बंद होना चाहिए।”
सभा के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जाहिर की और माइंस प्रबंधन को विकास कार्यों में असफल करार दिया। सांसद भोजराज नाग ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक खदान के संचालन को रोकने की मांग जायज है।
> “अगर क्षेत्र की जनता चाहेगी तो यह माइंस बंद भी हो सकती है। विकास कार्यों में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि माइंस प्रबंधन इन चेतावनियों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्षेत्र में वादे के मुताबिक विकास कार्य कब शुरू करता है।



