कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर प्रगति की समीक्षा की।
परीक्षाओं में जिले के विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए दिए आवश्यक निर्देश।


उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर हमर लक्ष्य कार्यक्रम के तहत आगामी बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के बोर्ड परीक्षाओं में जिले के विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज दोपहर 12.30 बजे से आहूत बैठक में कलेक्टर ने विकासखण्डवार एवं विषयवार समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों की शिक्षा का स्तर ऐसा हो कि बोर्ड परीक्षाओं के अलावा आगे की तकनीकी व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उन्हें सक्षम बनाया जा सके, जिससे अधिक से अधिक छात्राओं का चयन हो। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों में विद्यार्थियों की पकड़ कमजोर है, ऐसे विषय में दक्ष बनाने हेतु अतिरिक्त विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की जाए।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसई) के तहत् जिले के 4402 विद्यार्थियों का पंजीयन पंजीयन कराया गया है, इसमें विकासखण्ड अंतागढ़ में 333, भानुप्रतापपुर में 643, चारामा में 922, दुर्गूकोंदल में 525, कांकेर में 670, कोयलीबेड़ा में 631 तथा नरहरपुर विकासखण्ड में 678 विद्यार्थियों का पंजीयन कर उन्हें विषय विशेषज्ञों के द्वारा सतत् प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह जेईई और नीट परीक्षाओं के लिए जिले के कुल 332 विद्यार्थियों का पंजीयन किया गया है, जिनमें अंतागढ़ ब्लॉक के 44, भानुप्रतापपुर के 49, चारामा के 62, दुर्गूकोंदल के 22, कांकेर के 71, कोयलीबेड़ा के 42 और नरहरपुर विकासखण्ड के 42 विद्यार्थियों का ने फॉर्म भरा है। इसके अलावा जिले के सभी सातों विकासखण्ड के 8523 विद्यार्थियों का पंजीयन जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए किया गया है।
त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सी एवं डी ग्रेड प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों की प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों से माह दिसम्बर 2023 में ही कराने निर्देशित किया गया है, ए एवं बी ग्रेड वाले विद्यालयों का पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिये गये है कलेक्टर डॉ0 प्रियंका शुक्ला के द्वारा शाला त्यागी एवं लगातार अनुपस्थित बच्चों के सर्वे व अनुरोध कार्यक्रम के तहत ऐसे शाला त्यागी एवं लगातार अनुपस्थित बच्चों को शाला लाने हेतु विशेष प्रयास लाने तथा परिणाम मूलक कार्य करने के निर्देश दिये गये है। कलेक्टर कांकेर द्वारा सी एवं डी ग्रेड प्राप्त छात्रों तथा अनुत्तीर्ण छात्रों की विषयवार व विकासखंडवार समीक्षा की गई। अनुत्तीर्ण छात्रों एवं परीक्षा में अनुपस्थित छात्रों पर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है अर्धवार्षिक परीक्षा के पश्चात प्राचार्यों की अविलम्ब बैठक करने के निर्देश दिये गये है। कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं वहां के विषयगत शिक्षक व कमजोर परीक्षा परिणाम देने वाले व्याख्याताओं की बैठक करने के निर्देश दिये गये है।
बैठक में कलेक्टर ने अच्छे एवं कम अच्छे बच्चों का चिन्हांकन पर समीक्षा करते उनकी नियमित कक्षाओं का संचालन कर कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों में उपचारात्मक शिक्षा लागू करने, रविवार एवं अवकाश दिवसों में उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से। उन्होंने विकासखंड शिक्षा नोडल अधिकारियों के कार्यों पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही विकासखंड कोयलीबेड़ा शिक्षा नोडल वैभव मेश्राम के द्वारा आवश्यक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अंतागढ़, चारामा, भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के नतीजों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोयलीबेड़ा, नरहरपुर, कांकेर को और अधिक प्रयास करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार विद्यालयों में चल रहे भवन निर्माण के कार्यों में तेजी लाने और लगातार स्थल निरीक्षण करते हुए गुणवतापूर्ण कार्य कराने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ सुमीत अग्रवाल, प्रभारी डीएमसी दिनेश नाग, एपीसी पंकज श्रीवास्तव, नवनीत पटेल एपीसी समग्र शिक्षा सहित सभी विकासखंड शिक्षा नोडल, सभी बीईओ, एबीईओ एवं स्त्रोत केन्द्र समन्वयक मौजूद रहे।



