शिक्षकों ने कोयलीबेड़ा में विभिन्न मांगों को लेकर दिया ज्ञापन।

शिक्षकों ने कोयलीबेड़ा में विभिन्न मांगों को लेकर दिया ज्ञापन।
कोयलीबेड़ा। यूं तो कोयलीबेड़ा विकासखण्ड है लेकिन आज भी अधिकतर कार्य लिंक कार्यालय के नाम से पखांजूर से ही संचालित किया जाता है। कोयलीबेड़ा खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नाम मात्र का कार्यालय रह गया है। जहां न के बराबर कार्य हो रहा है कोयलीबेड़ा के शिक्षकों को अपनी विभिन्न कार्य के लिए आज भी पखांजूर का ही चक्कर काटना पड़ता है, क्योंकि यहाँ उनकी सेवा पुस्तिका संधारित होती है न अन्य समस्याओं का समाधान जिसको लेकर शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया था और खण्ड शिक्षा अधिकारी व बाबू को हटाने की मांग रखी थी। मामले में स्थानीय विधायक अनूप नाग ने पहल की और शिक्षकों को उचित कार्यवाही का भरोषा दिलाते हुए हड़ताल स्थगित कराया था। विधायक की ही अनुशंसा पर कोयलीबेड़ा क्षेत्र के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका संधारण कोयलीबेड़ा कार्यालय में ही कराने पहल की थी, पर जिम्मेदार अधिकारियों के सुस्त रवैये से सेवा पुस्तिका संधारण शुरू ही नही हुआ है और शिक्षकों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। इसको लेकर अब शिक्षकों ने एक बार फिर छः सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है और जल्द कार्यवाही की मांग की है, कोयलीबेड़ा क्षेत्र के 12 संकुलों में कार्यरत विभिन्न प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं में सहायक शिक्षक, शिक्षक संवर्ग के विभिन्न समस्याओं और मागों का यह आवेदन खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोयलीबेड़ा में सौंपा गया है। जिसमे शिक्षक संवर्ग की सेवा पुस्तिका का संधारण अति शीघ्र किया जावे, सर्विस बुक की द्वितीय प्रति संधारित कर संबंधित शिक्षक को प्रदान किया जावे, संविलियन की पश्चात शिक्षक संवर्ग का रुका हुआ वेतन अति शीघ्र संबंधित के खाते में अंतरण किया जावे,दिवंगत शिक्षक साथी के परिवार को एक सदस्य को शासन के मापदंड के अनुरूप अनुकंपा नियुक्ति दिया जावे,कोयलीबेड़ा क्षेत्र के शिक्षक संवर्ग का जीपीएफ राशि संधारण पासबुक संधारित किया जावे, उपरोक्त अभिलेख की कार्य हेतु कार्यालय के स्थापना बाबू/ लेखपाल की ड्यूटी कोयलीबेड़ा विकासखंड मुख्यालय में सप्ताह के चार कार्य दिवस कार्य करने हेतु आदेशित किया जावे।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा यह आवेदन दिया गया इस दौरान कोयलीबेड़ा इकाई अध्यक्ष लोकेश उइके,उपाध्यक्ष उमेश शुक्ला,श्रवण बनर्जी,पूरन मण्डावी, व अन्य शिक्षिक मौजूद रहे।



