पंचायत स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह : बढ़पारा हाईस्कूल में शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान।
पंचायत स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह : बढ़पारा हाईस्कूल में शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान।

समारोह में पंचायत क्षेत्र की 9 प्राथमिक शालाओं, 3 माध्यमिक शालाओं और 1 हाईस्कूल के कुल 30 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही 8 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सेवा व योगदान के लिए मंच पर बुलाकर सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह का संचार हुआ।
खेल प्रतियोगिता भी रही आकर्षण का केंद्र
शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 1500 रुपये तथा उपविजेता टीम को 1000 रुपये की राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस दौरान मैदान में खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखने लायक था।
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने पहुंचे अतिथि
समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती सविता ध्रुव (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पानीडोबीर) रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती फुलबत्ती उसेंडी (सरपंच, ग्राम पंचायत केसेकोड़ी) ने की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में –
श्रीमती मनई बाई यादव (उपसरपंच, ग्राम पंचायत केसेकोड़ी)
श्री रजनाथ पोटाई (सरपंच, ग्राम पंचायत आलपरस)
श्री दीपक आचला (सरपंच, ग्राम पंचायत गुड़ाबेड़ा)
श्री अशोक कुमार टांडिया (सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, कोयलीबेड़ा)
श्री दयालु राम कड़ियाम (ग्राम गायता, बढ़पारा)
श्री चमारसिंह कड़ियाम (ग्राम गायता, केसेकोड़ी) उपस्थित रहे।
इसके अलावा पंचायत के समस्त वार्ड पंच, ग्राम पटेल, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
शिक्षकों की भूमिका पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं। बच्चों को सही दिशा देने का कार्य शिक्षक ही करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों का योगदान और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करते हैं।
ग्रामीणों में उत्साह
समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा। बच्चों की प्रस्तुतियों, पुरस्कार वितरण और खेल प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया। ग्रामीणों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे पंचायत स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक कदम बताया।



