बाल वैज्ञानिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण जागृत करें शिक्षक –भुवन जैन।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला संपन्न।

बाल वैज्ञानिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण जागृत करें शिक्षक –भुवन जैन
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला संपन्न

कांकेर –राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2023 जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन के आतिथ्य में किया गया। जिला समन्वय पवन कुमार सेन ने बताया कि छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के दिशा निर्देश पर कथानक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारितंत्र को समझना पर आधारित पांच उपकथानक विषय में कार्यशाला केंद्रित रहा। कार्यशाला के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन एवं विशेष अतिथि प्राचार्य डॉ पूर्वा शर्मा शासकीय शिक्षा महाविद्यालय रही। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में प्राकृतिक नैसर्गिक जिज्ञासा एवं सृजनात्मकता विकसित करने हेतु मंच प्रदान करना है एवं 10 वर्ष से 17 वर्ष के बच्चों को राष्ट्र के भविष्य के प्रति सार्थक सपना संजोने व उन्हें साकार करने के लिए प्रोत्साहित कर एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करने से है जो समाज और राष्ट्र के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायित्व हो सके। इस कार्यशाला में जिले के हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल, माध्यमिक विद्यालयों से कुल 95 विज्ञान शिक्षक ने भागीदारी की। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन ने कहा कि बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने में विज्ञान शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। आप सभी शिक्षक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न कर समाज और राष्ट्र की प्रति संवेदनशील बनाएं। कार्यशाला में उपस्थित विषय विशेषज्ञ व्याख्याता राजेश सिंह देव ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस सशक्त माध्यम है। इससे नई आविष्कार को दिशा मिलेगी। विषय विशेषज्ञ व्याख्याता मो असलम एवं हेमलता मंडावी ने अपने उद्बोधन में जानकारी दी कि हम अपने पारिस्थितिक तंत्र को किस प्रकार रिस्टोर कर सकते हैं। इसके लिए बच्चों में जन जागरूकता लाना अत्यंत आवश्यक है ताकि वह भविष्य में संवेदनशील होकर स्थानीय परीवेश में वैज्ञानिक विधि से समस्याओं का समाधान निकाल सके। विषय विशेषज्ञों ने सभी थीम पर प्रोजेक्ट आईडिया, लॉग बुक, सर्वे रिपोर्ट, चार्ट तथा प्रोजेक्ट के विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से जानकारी प्रदान किया।

इन्हें सम्मानित किया गया –
गत वर्ष जिले से राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भागीदारी करने के लिए दिशा साहू गीतांजलि साहू लालिमा साहू को प्रमाण पत्र और 5000 का पारितोषिक राशि एवं जिला स्तर पर स्थान प्राप्त करने पर केशव सिन्हा, उमाशंकर कल्लो हाई स्कूल नावडाबरी, विवेक यादव, रवि मंडावी हायर सेकंडरी आतुरगांव, जूनियर वर्ग में रोजा फातिमा, भूमि उईके सेजेस भानुप्रतापपुर, विद्या शोरी, राहुल पडोटी सेजेस नरहरपुर को अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया। साथी ही मार्गदर्शक शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के लिए प्रमिला साव व्याख्याता सेजेस पटौद एवं जिला स्तर के लिए व्याख्याता महेश गुप्ता हाई स्कूल नावडबरी, अंजू वर्मा आतुरगांव, वैशाली सोनी से नरहरपुर, शबनम खान, सेजेस भानुप्रतापपुर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
मुख्य विषय पर होगी प्रतियोगिताएं –
वर्ष 2023 के लिए इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारितंत्र को समझना है एवं इसके उप विषय अपने परतंत्र को जानना, स्वास्थ्य पोषण और कल्याण को बढ़ावा देना, पारितंत्र और स्वास्थ्य के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रथाएं, आत्मनिर्भरता के लिए पारितंत्र आधारित दृष्टिकोण, पारितंत्र और स्वास्थ्य के लिए तकनीकी नवाचार हैं।
दो वर्गों में प्रतियोगिता का आयोजन–
यह प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित किया जाएगा। जूनियर वर्ग आयु सीमा 10 से 14 वर्ष तथा सीनियर वर्ग की आयु सीमा 14 वर्ष से 17 वर्ष होगी आयु की गणना 31 दिसंबर 2023 की स्थिति में किया जावेगा। जिला स्तरीय प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता माह अक्टूबर में प्रस्तावित है
वैज्ञानिक समाधान के विभिन्न चरण –
प्रोजेक्ट निर्माण में वैज्ञानिक विधि से समस्याओं के समाधान में निम्न चरण इस प्रकार है –
परियोजना, शीर्षक, प्रस्तावना, समस्या चुनने का कारण, परिकल्पना, उद्देश्य, कार्य योजना, कार्य विधि, सर्वेक्षण, प्रयोग, अवलोकन, निष्कर्ष या परिणाम, भविष्य की योजना।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता के संबंध में जिला समन्वयक पवन कुमार सेन ने कहा कि ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रदान कर रहा है। जिससे ग्रामीण अंचल के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक लक्ष्मीकांत साहू और सहयोग नंद अटभैया, शिक्षक जीआर साहू, सुरेश मिश्रा का रहा।



