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रायपुर : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग ओवरऑल चैम्पियन।

रायपुर : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग ओवरऑल चैम्पियन

विजेता प्रतिभागी 3 से 6 अक्टूबर तक देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रतियोगिता में होंगे शामिल
बच्चों के संर्वागीण विकास हेतु शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं बौद्धिक क्षमता विकसित करना आवश्यक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के तत्वाधान में आयोजित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता आज सम्पन्न हुई। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग ओवरऑल चैम्पियन बना। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागी 3 से 6 अक्टूबर तक देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रतियोगिता में शामिल होंगे। राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर में और बौद्धिक प्रतियोगिता का आयोजन प्रयास आवासीय विद्यालय, सडडू रायपुर में हुआ।
सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग ने बाजी मारी। सरगुजा संभाग समूहगान, समूह नृत्य, चित्रकारी, रंगमंच में प्रथम रहने के साथ-साथ शिक्षक वर्ग की संगीत प्रतियोगिता-वोकल क्लासिक, वोकल सेमीक्लासिक एवं लोकगीत में भी प्रथम स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर मध्यक्षेत्र एवं तीसरे स्थान पर बस्तर संभाग रहा। प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री श्री मोहन मरकाम, सचिव श्री डी.डी. सिंह और आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
प्रतियोगिता के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ ने बताया कि इसका मुख्य उददेश्य बच्चों के संर्वागीण विकास हेतु शिक्षा के साथ-साथ उनमें सांस्कृतिक एवं बौद्धिक क्षमता विकसित करना है, ताकि उन्हें अपने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मूल्यों का सही ज्ञान हो सके।
राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में समूह गान, समूह नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्र बजाना, अर्द्धशास्त्रीय एकल गीत, चित्रकारी, रंगमंच एवं शिक्षकों का संगीत कार्यक्रम हुआ।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता के अंतर्गत समूह गान में सहनपुर, सरगुजा प्रथम, बालोद (मध्यक्षेत्र) द्वितीय एवं ओरछा नारायणपुर (बस्तर) तीसरे स्थान पर रहा। समूह नृत्य में प्रेमनगर सूरजपुर (सरगुजा) प्रथम, करपावण्ड बस्तर द्वितीय और गरियाबंद (मध्यक्षेत्र) तीसरे स्थान पर रहा। जनजातीय वाद्ययंत्र प्रतियोगिता में धमतरी (मध्यक्षेत्र) प्रथम, करपावण्ड बस्तर द्वितीय और पेटला (सरगुजा) तीसरे स्थान पर रहा। एकलगीत प्रतियोगिता में गरियाबंद (मध्यक्षेत्र) प्रथम, छेरीबेड़ा बस्तर द्वितीय एवं सहनपुर (सरगुजा) तीसरे स्थान पर रहा। चित्रकला प्रतियोगिता में शिवपुर (सरगुजा) प्रथम, कोरबा (मध्यक्षेत्र) द्वितीय एवं गोलावण्ड बस्तर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। रंगमंच प्रतियोगिता में बलरामपुर (सरगुजा) प्रथम, मुगेली (मध्यक्षेत्र) द्वितीय एवं करपावण्ड, बस्तर तीसरे स्थान पर रहा।
इसके अलावा एकलव्य विद्यालय के शिक्षकों हेतु संगीत वर्ग में प्रतियोगिता आयोजित थी। इसमें वोकल क्लासिक संगीत में मैनपाट सरगुजा प्रथम, वोकल सेमीक्लासिक संगीत में ओड़गी सरगुजा प्रथम एवं गरियाबंद दूसरे स्थान पर रहे। लोकगीत में सूरजपुर सरगुजा प्रथम और वाद्ययंत्र संगीत में रायगढ़ प्रथम एवं सूरजपुर सरगुजा दूसरे स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में कमलादेवी संगीत महाविद्यालय के डॉ. एस.श्रीराम मूर्ति, श्री दीपक वेडेकर, श्री डेविड निराला, श्री त्रिलोचन सोना, केन्द्रीय विद्यालय, रायपुर से श्री ध्रुव तिवारी एवं केन्द्रीय विद्यालय नवा रायपुर से श्रीमती श्वेता ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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