छत्तीसगढ़
विकसित भारत संकल्प यात्रा के आयोजन को लेकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीसी के जरिए किया संबोधित.
केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने सांसद श्री मंडावी ने की अपील.

विकसित भारत संकल्प यात्रा के आयोजन को लेकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वीसी के जरिए किया संबोधित
केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने सांसद श्री मंडावी ने की अपील


उत्तर बस्तर कांकेर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों में केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभान्वितों से वर्चुअल रूप से संवाद किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को सांसद श्री मोहन मंडावी एवं नवनिर्वाचित विधायक श्री आशाराम नेताम के आतिथ्य में स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र में सामूहिक तौर पर सुना गया।
इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में कृषक सम्मलेन का भी आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि सांसद श्री मोहन मंडावी ने कहा कि किसान सभी के पालनहार हैं। पहले परंपरागत खेती की जाती थी और फसलों में कोई बीमारी भी नहीं होती थी। लेकिन आज कई तरह की बीमारियां होने लगी हैं और रासायनिक दवाईयों का उपयोग भी बढ़ने लगा है। उन्होंने कृषि की उन्नत तकनीक को अपनाने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती करने और रासायनिक दवाईयों का कम से कम उपयोग करने का आग्रह उपस्थित किसानों से किया। साथ ही यह भी बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं जिनका का लाभ उठाकर किसान देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। विशिष्ट अतिथि की आसंदी से नवनिर्वाचित विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब यहां के किसानों का विकास होगा। उन्होंने किसानों से केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओ का का लाभ उठाने की अपील भी की। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश भर में लोगों तक शासन की जनहितैषी योजनाओं एवं कायक्रमों को पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ शुरू की गई है।
इस अवसर पर एडीएम अंतागढ़ श्री बी.एस. उइके, सीईओ जिला पंचायत श्री सुमीत अग्रवाल, संयुक्त संचालक कृषि बस्तर संभाग श्री महादेव ध्रुव, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बीरबल साहू सहित कृषक मित्र एवं कृषकगण उपस्थित थे।



