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गोंड़वाना समाज समन्वय समिति कोयलीबेड़ा की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय।

अब तीनो ही संस्कार टोंडा, मण्डा व कुंडा के लिए बनाए गए नियम उलंघन पर होगी जुर्माना।

गोंड़वाना समाज समन्वय समिति कोयलीबेड़ा की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय।

कोयलीबेड़ा। गोंड़वाना समाज समन्वय समिति कोयलीबेड़ा इकाई की महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय सर्व आदिवासी समाजिक भवन में सम्पन्न हुआ जहां गोंड़वाना समाज मे आदिकाल से प्रचलित तीनो ही संस्कार टोण्डा, मण्डा और कुंडा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जो आगामी कार्यक्रमों में लागू किये जायेंगे। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने बताया की आधुनिकता की इस चकाचौंध में हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और अनावश्यक धनहानि के साथ ही आडम्बरों के चंगुल में फंसकर अपनी रीति नीति को नुकसान पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं जबकि हमारी संस्कृति ही प्रकृति के अनुकूल सदैव बनी हुई है, समाज मे बढ़ते असमानता को ध्यान में रखते हुए अब समस्त संस्कारों के लिए नियम बनाये गए हैं ताकि कोई भी असमानता न रहे व एकजुट होकर गोंड़वाना समाज को आगे बढाने का कार्य किया जाएगा।
सबसे पहले जन्म संस्कार (टोण्डा) जोल नेंग (छट्ठी / नामकरण) शिशु के जन्म के 6 वें से 21 दिन के अंदर करना अनिवार्य हैं। जोल नेंग कार्यक्रम में खीर पुड़ी, बड़ा बनाना प्रतिबंधित हैं। जोल नेंग कार्यक्रम में मांस मंदिरा (दारू) खिलाना पिलाना प्रतिबंधित हैं। जोल नेंग कार्यक्रम में डी.जे. लगाना, बफर सिस्टम से खाना व्यवस्था करना प्रतिबंधित हैं। बच्चे को कपड़ा के स्थान पर राशि भेंट करें एवं जोल नेंग में कपड़ा देना लेना प्रतिबंधित हैं। कार्यक्रम के दिन मायके पक्ष से बारात जैसे स्थिति मे जाना प्रतिबंध हैं। बच्चे का मुंडन अक्को मामा के द्वारा ही किया जाना है।जोल नेंग के बाद समाज प्रमुख के पास सर्वे रजिस्टर में पंजीयन कराना एवं 151 रूपये सामाजिक कोष में जमा करना अनिवार्य हैं। संभागीय नियामानुसार दिया दिखाना, काजर लगाना, करधन बांधना कर्ण भेदना, बाजार दिखाना यथावत लागू रहेगा। उक्त प्रतिबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित गांव डिवहार को 31000 रूपये दण्डित किया जावेगा।

विवाह (मण्डा) संस्कार

वैवाहिक संस्कार गोंडी रीति नीति से सम्पन्न किया जाना है वैदिक रीति साकोचार पूजा पध्दति से विवाह करना प्रतिबंध हैं यदि उल्लघंन करते है तो 21051 रूपये से दण्डित किया जावेगा। विवाह कार्यक्रम में सामाजिक बाजा का प्रयोग किया जाएगा / सामाजिक बाजा का उपयोग समाज में ही किया जावे अन्य समाज मे बाजा बजाना प्रतिबंध है उल्लाघंन करने पर 10000 रूपये दण्डित किया जाएगा। विवाह कार्यक्रम में समस्त नेंग में ही महुआ फुल को शुध्द पानी में भिगोकर तर्पण करें।
कोर्ट शादी, अन्य समुदाय में शादी करना, अन्तर्जातिय विवाह करना प्रतिबंधित या उल्लाघन करने पर क्रमश राशि 10000/25051 एवं 100000 रूपये दण्डित किया जावेगा। फलदान के नाम से जयमाला पहनाना, अंगुठी पहनाना (मुंदरी) प्रतिबंधित हैं।

सत्ता नेंग निम्नानुसार किया जाना है
चांवल – 20 काठा, दाल 5 काठा, सब्जी संख्यानुसार, प्रसाद- लाई गुड़ के साथ।

नेंग सामाग्री- चूडी फुदरी, तेल, हल्दी, सत्ता का साड़ी मायसरी लुगरा, 1 डेड़सास, काको, आजी, फुफुवाही, मामावाही, सुसरा-50 रू., सुख सत्ता 101 रू., देव कौड़ी गोत्र अनुसार।

लगन के पूर्व माता पिता जो भी कपड़ा गहना देना चाहते है, मंडप मे निकालने से पूर्व पहना देंवे / मंडप में बैठाकर आभूषण पहनाना प्रतिबंध हैं साथ ही जो भी सामाग्री देना हैं, उसे मंडप मे निकालना प्रतिबंधित हैं। उल्लघन करने पर 21000 रूपये दण्डित किया जाएगा।

माता पिता को छोड़कर अन्य सगाजन बर्तन के स्थान पर राशि भेंट करे। सामाजिक सगाजनो द्वारा बर्तन देने पर दण्डित किया जावेगा।

टीकावन मंडप में ही किया जाना है। आधुनिक स्टेज, महाराजा कुर्सी प्रतिबंधित है।

डी. जे. लगाना, बफार सिस्टम भोजन व्यवस्था आधुनिक मौर का उपयोग, कपड़ा देना, बैड बाजा पेढ बाजा आदि का उपयोग प्रतिबंधित है।

अनावश्यक मांस मंदिरा का उपयोग प्रतिबंधित (देवी देवता कार्य- जैसे जातरा शादी से साथ होता है तो मांस का उपयोग किया जाएगा)

उक्त प्रतिबंधित नियमों का उल्लघन करने पर संबंधित गांव डिवहार को 31000 रूपये दण्डित किया जावेगा।

मृत्यु (कुण्ड़ा) संस्कार

गोंडी रीति नीति अनुसार मृत व्यक्ति को दफनाना है। काठी में परिवार वालों को छोड़कर बाकि सागाजन राशि भेंट करें। अस्थि विसर्जन करना भैरव पूजा करना प्रतिबंध हैं। रंग गुलाल का उपयोग करना प्रतिबंध है। अनावश्यक चिन्हा देना, पगबंधी में कपड़ा देना प्रतिबंध है। खीर पूड़ी मिष्ठान खिलाना प्रतिबंध है।
मातृ शक्तियों को भी कपड़ा भेंट करना प्रतिबंध है। अल्पकाल मृत्यु जैसे दुर्घटना मृत्यु, संर्पदन्त, जहर सेवन, फांसी लगाने का संक्षिप्त क्रियाकर्म दुसरे दिन करना अनिवार्य है। मरनी काम के दिन मृत व्यक्ति का फोटो रखना प्रतिबंध है। कुण्डा को टीक कर पेंनकरण की कार्य करना हैं। लाकांज बाजार नेंग चिकला पिसँग नियम यथावत लागु रहेगा।
मृत्यु संस्कार अधिकतम 30 दिन के भितर करना अनिवार्य हैं।

उक्त प्रतिबंधित नियमों का उल्लाघंन करने पर संबंधित गांव डिवहार को 31000 रूपये दण्डित किया जावेगा।

बैठक के दौरान गोंड़वाना समन्वय समिति इकाई कोयलीबेड़ा के अध्यक्ष बिसनाथ दर्रो, उपाध्यक्ष बरादु दुग्गा, सतउ राम दुग्गा, कालेश्वरी आचले, हेमंत उसेण्डी, सन्तोष नुरेटि, बसन्त ध्रुव, रामनाथ उसेण्डी मिथलेश उसेण्डी, भोटकु राम नुरेटि, क्षमा दुग्गा,भंजन सिंह उइके,पीलूराम उसेण्डी सनकु उसेण्डी व अंचल के ग्राम अध्यक्ष, गायता व सर्कल अध्यक्ष मौजूद रहे।

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