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सिकल सेल उन्मूलन मिशन के तहत जांच के बाद जेनेटिक स्टेटस कार्ड का किया जा रहा वितरण

*सिकल सेल उन्मूलन मिशन के तहत जांच के बाद जेनेटिक स्टेटस कार्ड का किया जा रहा वितरण*


उत्तर बस्तर कांकेर,  कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जिले के 0 से 40 आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सिकल सेल रोग के लिए जांच किए गए प्रत्येक व्यक्ति को सिकल सेल आनुवांशिक स्थिति कार्ड प्रदान किया जा रहा है। व्यक्ति की स्थिति क्या होगी, यह कार्ड प्रदर्शित करेगा। धनात्मक पाये जाने पर रोगी को हाइड्रोक्सीयूरिया की टेबलेट दी जाती है। जिले में अब तक 04 लाख 27 हजार 658 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 04 हजार 418 सिकल सेल वाहक एवं 455 सिकल सेल रोगी पाए गए हैं, जिनका नियमित उपचार चल रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खरे ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक सिकल सेल आनुवंशिक संचरण को समाप्त करना है, सिकल सेल का प्रभाव अकेले रोगी को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को होता है। यह एक आनुवांशिक बीमारी है। इस रोग में रक्त की लाल रक्त कोशिकाओं में स्थित हीमोग्लोबिन की संरचना में परिवर्तन हो जाता है, जिसके कारण लाल रक्त कोशिकाएं गोलाकार से बदलकर हसिया आकार की हो जाती है। ये कोशिकाएं अपना आकार बदल देती हैं एवं नष्ट होने लगती हैं, जिसके कारण खून की कमी होने लगती है, जिसे सिकल सेल एनीमिया कहा जाता है। इस रोग से व्यक्ति में सूजन या दर्द होना, बार-बार बुखार होना और रोग-प्रतिरोधक शक्ति घटने से दूसरी बीमारियों का आसानी से होना आदि इस बीमारी के लक्षण है। सिकल सेल मुख्यतः दो प्रकार की होती है, पहला सिकल सेल रोगी और दूसरा सिकल सेल वाहक। यदि माता-पिता दोनों सिकल सेल रोगी है तो उनके सभी बच्चे सिकलसेल रोगी होंगे। वहीं माता-पिता में से किसी एक से सिकल सेल दूसरे नार्मल जीन में मिलता है, इन्हें सिकल सेल वाहक कहते है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी शत प्रतिशत रोकी जा सकती है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण मिशन है। इसमें इस्तेमाल किये जा रहे जैनेटिक स्टेटस कार्ड से सिकल सेल की रोकथाम में मदद मिलेगी। यह एक साइलेन्ट बीमारी है और लोगों को शादी से पहले सिकल सेल आनुवंशिक स्थिति कार्ड का मिलान करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह बीमारी अगली पीढ़ी में स्थानांतरित न हो।

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