जिला प्रशासन की अभिनव पहल : “मावा मोदोल”।माओवाद प्रभावित क्षेत्र के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा प्रशिक्षित.

*जिला प्रशासन की अभिनव पहल : “मावा मोदोल”*
*माओवाद प्रभावित क्षेत्र के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा प्रशिक्षित*

उत्तर बस्तर कांकेर, 22 दिसम्बर 2024/ जिला प्रशासन की पहल पर कांकेर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर की अभिनव पहल पर “मावा मोदोल” कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मावा मोदोल शब्द गोंडी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है “मेरी जड़, मेरा भविष्य” है। इसके तहत माओवाद प्रभावित और जिला मुख्यालय से सुदूर क्षेत्र में निवासरत विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा के साथ ही सम्पूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ शिक्षक मॉक टेस्ट की सुविधा सहित कैरियर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इसी के तहत प्रथम चरण में 200 बच्चों का चयन किया गया है। तत्पश्चात उपलब्ध 50 सीट के लिए द्वितीय चरण की प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इसके लिए मावा मोदोल कोचिंग सेंटर एवं सेजेस भानुप्रतापपुर को परीक्षा केन्द्र बनाया गया, जिसमें कुल 851 पंजीकृत बच्चों में से 523 बच्चे सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर के अधिकारियों कलेक्टर श्री क्षीरसागर, सीईओ जिला पंचायत श्री हरेश मण्डावी सहित विभाग के उच्चाधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों का विशिष्ट योगदान रहा।



