
तिजू राम बघेल ने बस्तर रियासत के राजा कमलचन्द भजदेव को पुस्तक भेंट किया…
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बस्तर क्षेत्र के युवा लेखक व अखिल भारतीय साहित्यकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ व परगना-सुरेवाही गढ़ प्रतापपुर के साहित्य प्रभारी,,तिजू राम बघेल,रत्न, द्वारा लिखित पुस्तक आदिवासी जनजाति व आबुझमाड क्षेत्र का अतित नामक पुस्तक राजमहल स्थित कार्यालय में ,, राजा कमलचन्द भजदेव को पुस्तक भेंट किया, साहित्य व लेखन के लिए क्षेत्र में उनके प्रयासों की प्रशंसा की करते हुए उत्कृष्ट भविष्य की कामना दीं। और गढ़ प्रतापपुर, गढ़ परलकोट, गढ़ अन्तागढ़, गढ़ कोलर,व अन्य गढ़ों सम्बंधित बहुत चर्चा किया गया, सभी गढ़ों में राजा कमलचन्द भजदेव ने आने के प्रयास करुंगा कहां। साथ में रहें थे सुकेश दुग्गा, ललीत बघेल,विमल बघेल, भारत सिंह, रविन्द्र मरकाम, दुर्गेश पुगडा, और राहुल ठाकुर भाई जी मौजूद रहे,आसान स्थित आदिवासी ट्रायबल अकादमी बदल में, और बस्तर पुरातत्व संग्रहालय जगदलपुर एवं दलपल सागर आईलैंड व भ्रमण करते हुए, भारत का नियाग्रा कहें जाने वाले छत्तीसगढ़ के बस्तर में स्थित है जिला मुख्यालय जगदलपुर से लगभग 40 किमी.दूर पश्चिम दिशा पर स्थित है, चित्रकोट जलप्रपात इन्दावती नदी पर स्थित है इन्दावती नदी की उद्गम उड़ीसा के कालाहांडी पहाड़ी एवं खेत नालों से हुआ है चित्रकोट जलप्रपात का सौंदर्य बारिश ने और बढ़ा दिया है। चित्रकोट जलप्रपात एशिया के इसे सबसे बडे़ वाटरफॉल की खूबसूरती को देखने के लिए पर्यटक उमड़ पड़े हैं। परिवार के साथ जहां लोग पहुंच रहे हैं, वहीं युवाओं की संख्या इसे देखने के लिए सबसे ज्यादा आंतें हैं, लगातार हो रही बारिश के चलते चित्रकोट वाटरफॉल अपने शबाब पर है। ऐसे में दूर-दूर से शैलानी इसकी प्रकृतिक खूबसूरती को निहारने के लिए पहुंच है, कहते हैं कि अगर चित्रकोट जलप्रपात को नहीं देखा तो बस्तर की सैर अधूरी है। ऐसे में पर्यटन बार -बार इसे देखने और एडवेंचर मजा लेने पहुंचते हैं।



