कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम मिचेबेड़ा में पहली बार पहुंचे विधायक, किया 7 लाख रुपए से शीतला मंदिर निर्माण का ऐलान.

कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम मिचेबेड़ा में पहली बार पहुंचे विधायक, किया 7 लाख रुपए से शीतला मंदिर निर्माण का ऐलान.

कोयलीबेड़ा। कोयलीबेड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम मिचेबेड़ा में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि के आगमन ने गांव में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। क्षेत्र के विधायक विक्रमदेव उसेंडी संकुल स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे। लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से वंचित रहे इस गांव के लिए यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि यहां तक नहीं पहुंचा था।
विधायक के आगमन को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने जो प्रयास किए, वह उनकी संवेदनशीलता और उत्साह का परिचायक है। गांव तक पहुंचने के लिए तीन छोटे-बड़े नालों को पार करना पड़ता है। विधायक के आगमन की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने श्रमदान कर इन नालों पर अस्थायी पुल बनाया और पूरी पहुंच मार्ग का मुरमीकरण कर दिया, ताकि जनप्रतिनिधि बिना किसी कठिनाई के गांव तक पहुंच सकें। ग्रामीणों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि विक्रमदेव उसेंडी एक संवेदनशील और सरल स्वभाव के नेता हैं, जिन्होंने उनका निमंत्रण स्वीकार कर मिचेबेड़ा आकर ग्रामीणों का सम्मान बढ़ाया है।
समारोह में संबोधित करते हुए विधायक विक्रमदेव उसेंडी ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गांव में सात लाख रुपये की लागत से शीतला मंदिर का निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अन्य विकास कार्यों और स्थानीय मांगों पर भी प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि मिचेबेड़ा गांव घने जंगलों और सुंदर प्राकृतिक परिवेश से घिरा हुआ है, जो अपनी शांति और सौम्यता के लिए जाना जाता है। एक समय था जब नक्सलवाद के कारण यहां के लोग विकास से दूर रह गए थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं, और मिचेबेड़ा भी विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। यहां तेजी से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दो दिनों तक चले संकुल स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बढ़पारा संकुल के अंतर्गत आने वाले मिचेबेड़ा, मरकानार, जूंगड़ा खास, जूंगड़ा, बढ़पारा, कागबरस, गुड़ाबेड़ा, माध्यमिक शाला गुड़ाबेड़ा और बढ़पारा के कुल 314 बच्चों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को विधायक उसेंडी ने स्वयं पुरस्कार वितरित किए। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो हमें स्वास्थ्य, अनुशासन और मानसिक मजबूती प्रदान करता है। वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूली खेल, बस्तर ओलम्पिक, महिलाओं हेतु विशेष प्रतियोगिताएं और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चे भी आगे बढ़ सकें।
समापन समारोह के दौरान सरपंच दीपक आचला सहित दिनेश आचला, खेमराज उसेंडी, रजनाथ पोटाई, लच्छूराम गावड़े, बलदेव कड़ियाम, पीलूराम उसेंडी, सहदेव उसेंडी, सनकु उसेंडी, उमेश दर्रो, रिंकू सहारे, विनोद साहू, लच्छेश्वरि सहारे, रीना बघेल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों और शिक्षकगणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
मिचेबेड़ा में विधायक का यह पहला दौरा न केवल ग्रामीणों के लिए उत्साह और विश्वास का माध्यम बना, बल्कि आने वाले समय में गांव की विकास यात्रा को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।



