आप कार्यकर्ता ने सरकार पर लगाए आरोप, किसान विरोधी सरकार: प्रदेश में खाद, यूरिया की भारी कमी से किसान परेशान – करन उईके

किसान विरोधी सरकार: प्रदेश में खाद, यूरिया की भारी कमी से किसान परेशान – करन उईके
अंतागढ़, 14 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान खाद और यूरिया की भारी कमी को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता करन उईके ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार समय पर खाद और डीएपी की आपूर्ति करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही से किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
करन उईके के मुताबिक, किसानों को आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ एक चौथाई खाद ही उपलब्ध हो पा रही है। सहकारी समितियों में पर्याप्त स्टॉक न होने से निजी दुकानदार मौके का फायदा उठाकर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। 266 रुपये की यूरिया किसानों को 1000 रुपये में और 1350 रुपये की डीएपी 2000 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कृत्रिम कमी दिखाकर किसानों को निजी विक्रेताओं से खरीदारी करने को मजबूर कर रही है, जिससे उन्हें मोटा कमीशन हासिल हो रहा है।
प्रदेश के कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बालोद समेत कई जिलों में सहकारी समितियों को खाद की आपूर्ति नहीं हो पाई है। उईके ने चेतावनी दी कि कम वर्षा और खाद की कमी के चलते खेतों में दरारें पड़ रही हैं, जिससे इस साल फसल उत्पादन में गिरावट तय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसान आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने यह भी बताया कि एग्री स्टेट पोर्टल पर भू-अभिलेख डेटा अपडेट न होने के कारण हजारों किसान फार्मर आईडी के लिए भटक रहे हैं। वर्ष 2022 के बाद से अधिकांश गांवों का जमीन संबंधी डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है, जबकि खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण 15 अगस्त से 30 सितंबर तक होना है। अब तक प्रदेश के 20551 गांवों में से सिर्फ 14560 गांवों का जियो-रेफरेंस कार्य पूरा हुआ है। इस स्थिति में लाखों किसानों का डिजिटल सर्वेक्षण अधूरा रह सकता है, जबकि धान खरीदी के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है।
आप के यूथ विंग जिला अध्यक्ष शिव पोटाई ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी समय पर खाद नहीं दी जाती थी और उस वक्त वर्तमान सांसद सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन अब वे चुप हैं। पोटाई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक-दूसरे के सहयोगी की तरह किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

