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वन्य प्राणी विचरण क्षेत्रों में सतर्क रहने वन विभाग ने की अपील।

*वन्य प्राणी विचरण क्षेत्रों में सतर्क रहने वन विभाग ने की अपील*
उत्तर बस्तर कांकेर,/ जिले से लगे ग्राम डुमाली के पहाड़ी में पिछले तेंदुआ एवं उसके शावक दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई है। इस संबंध में वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी ने बताया कि यह वन क्षेत्र वन्यप्राणी तेंदुआ का नैसर्गिक, प्राकृतिक वास है, एक साथ 05 तेंदुआ दिखाई देने से लोगों के मन में भय व्याप्त न हो, इसके लिए वन विभाग प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा इन परिस्थितियों में वन्य प्राणी मानवद्वंद नियंत्रण हेतु संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी के लिए टीम गठित कर लगातार गश्त करायी जा रही है। यह भी बताया गया कि ग्राम डुमाली के प्रश्नांकित स्थल पर ट्रैप कैमरा लगाये जा रहे है, ताकि तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वन मंडलाधिकारी ने लोगों से आग्रह किया है कि वन विभाग द्वारा वन्यप्राणियों से बचने के लिए पूर्व में पलैक्स, पाम्फ़लेट के माध्यम से जो बातें कही गई है, उन पर अमल करें।
*वन्यप्राणी तेंदुआ से बचाव के लिए ये सावधानियां रखें :-*
वन्यप्राणी तेंदुआ रात्रि के समय सक्रिय होते है, रात में घर से बाहर न रहें। अंधेरे में घर के बाहर न निकलें और न ही बच्चों को बाहर खेलने दें। घर के आसपास अच्छी रोशनी जला कर रखें, क्योंकि तेंदुआ अंधेरे में शिकार करते है। इसलिए रोशनी उन्हें दूर रख सकती है। अपने पालतु मवेशियों को मजबुत बाड़े या घर के अंदर रखें, खुले में बंधे जानवार को तेंदुआ अपना शिकार बना सकता है। घर के आसपास झाडियों की साफ सफाई करें। ताकि तेंदुआ छिप न सके। अगर गांव में तेंदुए की आमदगी की संभावना हो तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें। वन विभाग द्वारा जिस स्थान पर संकेतक या सूचना बोर्ड लगाया गया है. ऐसी जगहों पर सतर्क रहें। गांव में सामूहिक रूप से पहरा देने की व्यवस्था में वन विभाग आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। ये सभी सावधानियां हमे तेंदुए से बचने में मदद कर सकती है। वन्य प्राणियों की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को मोबाईल नम्बर 7999430074, 7974527224, 6263415698, 7489010658 पर सूचित करें।

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