छत्तीसगढ़

शौर्य जागरण यात्रा का कांकेर में किया गया स्वागत।

शौर्य जागरण यात्रा का कांकेर में किया गया स्वागत

कांकेर। शौर्य जागरण यात्रा अमर बलदानी गणेश कुंजाम के स्मारक गृहग्राम गिधाली से नमन करते हुए यात्रा का शुभारंभ किया गया। जो 9 सितंबर को शौर्य जागरण यात्रा गिधाली चारामा, हाराडूला, नरहरपुर अमोडा, सरंगपाल होते हुए कांकेर नगर भ्रमण करते हुए शाम 6बजे कांकेर के पुराना बस स्टैंड में सभा कर शहीद परिवार व रिटायर्ड सैनिकों का सम्मान किया गया सभा को संबोधित करते हूए सैनिक परिवार के भीखम साहू ने अपने उद्बोधन में कहां की शहीद गणेश कुंजाम की शहादत को मैं शत शत नमन करता हूँ कि इतने कम उम्र में उन्होने मातृभूमि के लिए बलिदान दिया धन्य हैं उनके माता-पिता, धन्य है ये पावन धरा और धन्य है ये हमारा कांकेर जिला शहीद गणेश कुंजाम का बलिदान भगत सिंह कि तरह ही भविष्य में याद किया जाएगा। जैसे किसान को पहली बारिस का इंतजार होता होता है वैसे ही प्रत्येक सैनिक को उस पल का इंतजार होता है जब वह मातृभूमि का ऋण चुका सके, मगर यह सौभाग्य सभी सैनिकों को नहीं मिल पाता है, सभी सैनिक शहीद गणेश कुंजाम जैसे सौभाग्यशाली नहीं होते हैं। किसी भी देश का विकास उस देश के युवाओं पर ही हमेशा से निर्भर रहा है। हम यह कह सकते हैं कि युवा ही राष्ट्र का संरचनात्मक और कार्यात्मक ढांचा है। प्रत्येक राष्ट्र की तरक्की का आधार उसकी युवा पीढ़ी होती है जिसकी उपलब्धियों से उस राष्ट्र का विकास होता है। राष्ट्र का भविष्य युवाओं के सर्वांगीण विकास में निहित है। ऐसा इसलिए कि युवा ही राष्ट्र निर्माण में सर्वाेच्च भूमिका का निर्माण करते हैं। युवाओं में समाज का वह क्षेत्र शामिल होता है, जो अभी तक विकास को परिलक्षित करता है और एक राष्ट्र के लिए भाग्य का निर्माता होता है। वह बचपन से वयस्क बनने तक के बीच का चरण होता है। प्रत्येक व्यक्ति जीवन के इन्हीं रास्तों से होकर गुजरता है। यदि वक्त का सही उपयोग किया जाए तो यह चरण वास्तव में महत्वपूर्ण परिणाम देने वाला होता है। जो कुछ नया कर गुजरने की इच्छा से भरा होता है। किसी देश में रहने वाले लोग उस देश के विकास और प्रगति के लिए स्वयं उत्तरदायी होते हैं, मेरा मानना है कि युवाओं को एक सकारात्मक दिशा में कार्य करने के लिए उनका मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। युवाओं को उचित शिक्षा तथा उनके कौशल विकास की आवश्यकता है, जिससे कि वे सशक्त और समृद्ध हो सकें। आप सभी को ज्ञात हो कि वर्तमान समय में रोजगार प्रत्येक युवा के लिए कितना आवश्यक है, आज मैं इस मंच के माध्यम से आप सभी युवा सथियों को ऐसे रोजगार के बारे में बताना चाहता हूँ जहां सेवा और सम्मान दोनों है – देश की सीमा पर सेना के जवान पहरा देते हैं तो देश बाह्य शक्तियों से सुरक्षित रहता है और देश के अन्दर पुलिस पहरा देती है तो देश के नागरिक निर्भय-निडर होकर अपना कार्य करते हैं और यदि सेना के जवान अपना कर्त्तव्य निभाने में कोताही बरतें तो निश्चित ही देश असुरक्षित हो जायेगा क्योंकि जिस देश की सीमा ही सुरक्षित नहीं है तो वह देश भी सुरक्षित नहीं। यह कटु सत्य है और अगर देश की पुलिस व्यवस्था लचर रहे तो निश्चित ही देश की आंतरिक सुरक्षा भी सुरक्षित नहीं जितना महत्व देश की सीमा को सुरक्षित रखने का है। उतना ही महत्व देश की आंतरिक सुरक्षा का भी है क्योंकि जब देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी तभी देश का नागरिक सुरक्षित होगा और जब देश का नागरिक अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा तभी वह निर्भय होकर अपने संसाधनों का प्रयोग देशहित में कर सकेगा जिसका देश के विकास में योगदान होगा। इस देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है, जिस प्रकार कुम्हार अपनी क्षमता और योग्यता से अपनी पसंद का घड़ा बना सकता है उसी प्रकार इस देश के युवा भी अपने पसंद के अनुसार इस देश का निर्माण कर सकते हैं। युवाओं को देश के विकाश, देश और समाज सेवा, सदभाव,संस्कृति और सभ्यता की रक्षा में अपना योगदान देने के लिए, पहले स्वयं समर्थ होना होगा और समर्थ होने के लिए सबके पास रोजगार होना आवश्यक है। जीवन मे सफलता को प्राप्त करने के लिए अपनी योग्यता को पहचानें और लक्ष्य का निर्धारण करें साथ ही लक्ष्य को पूरा करने के लिए  कार्य की प्राथमिकता सूची, समय प्रबंधन, योजना का नियम और अनुशासन को ध्यान के साथ पुरे मन से प्रयास शुरू करें तो सफलता जरूर मिलेगी। हमारे ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े युवा भारतीय सेना और पुलिस विभाग में अपनी सेवा देकर देश और समाज सेवा में अपना योगदान दे सकते हैं, इसके लिए उन्हें कुशल मार्गदर्शन और कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता है। आप इन परीक्षाओं के माध्यम से भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी के लिए प्रवेश ले सकते हैं – एनडीए, एनए, सीडीएस, एसएससी, जेएजी, एएफएसी, एमएनएस, एसएसबी, टीइएस इसके अलावा खुली सीधी भर्ती के माध्यम से सैनिक के रूप में प्रवेश ले सकते हैं। मेहनत करने से सब मिलता है, किस्मत को भी बदला जा सकता है अंत में मैं विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के लिए कोटि कोटि धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ कि उन्होने शहीद गणेश कुंजाम सभी वीर शहीद और उनके परिजनों के साथ पूर्व सैनिको के सम्मान में यह कार्यक्रम रखा। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे जिसमें प्रांत उपाध्यक्ष रामचरण कोर्राम, बजरंग दल प्रांत संयोजक शुभम नाग, अखिलेश चंद्रोल, कुशल नेताम, भावेश आरदे, राकेश यादव, अंकित टावरी, महेंद्र क्षतरी, पप्पू साहू, राधे कौशिक, अर्चक पुरोहित, नोवेद्र साहू, चिरौंजी चौहान, हेमंत साहू, चेतन सेन, समरेश चौहान, मनोज पटेल, अजय पटेल, जगदीश जयते, शिवम यादव, दीपक शर्मा, मिलन लोक, अभिराम दुबे, भूवन सिन्हा, चिराग सिंह, योगेंद्र साहू, दुर्गा वाहिनी संयोजिका पद्मिनी साहू, डाली जैन, प्रीति ठाकुर, उषा सारथी, मीना साहू, उपस्थित रहे।

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