छत्तीसगढ़

पीजी कालेज कांकेर में महिला उत्पीड़न निवारण समिति द्वारा उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन.

कांकेर। भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सरता आत्राम के निर्देशन एवं मार्गदर्शन तथा समिति के संयोजक डॉ बसंत नाग के नेतृत्व में महिला उत्पीड़न निवारण समिति द्वारा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ सरता आत्राम ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा रही है यह महाविद्यालय आपकी सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रयत्नशील है जिस प्रकार किसी भी बीमारी से बचने के लिए सुरक्षित उपाय आवश्यक है उसी प्रकार दुर्व्यवहार से बचने के लिए सजगता, गरिमा पूर्ण व्यवहार एवं स्वच्छ छवि का होना आवश्यक है इसलिए आप अपना ध्यान केवल लक्ष्य प्राप्ति में ही केंद्रित करे। महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ लक्ष्मी लेकाम ने कहा कि यह उम्र का वह पड़ाव है जहां भटकाव की स्थिति निर्मित हो जाती है अतः गरिमा पूर्ण व्यवहार के द्वारा भटकाव को रोका जा सकता है। अगर आप को ऊंची उड़ान भरनी है तो पढ़ाई पर अपना ध्यान केंद्रित करें। डॉ बसत नाग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा हम उम्र के उस दौर से गुजर रहे है जहाँ उमंग के साथ साथ स्वतंत्रता महसूस करते हैं लेकिन स्वतंत्रता के साथ-साथ स्व नियंत्रण भी आवश्यक है। वर्तमान समय में महिलाओं के साथ जो दुर्व्यवहार हो रहा है उनके लिए महिला कानून की जानकारी, सामाजिक मूल्यों का ज्ञान होना जरूरी है। प्रो अलका केरकेट्टा ने कहा कि शरीर एक मंदिर की तरह है वैसी ही पवित्रता हमारे मन में भी होनी चाहिए आप अपने व्यवहार के द्वारा उत्पीड़न पर रोक लगा सकते हैं। प्रो ऋचा सगने ने कहा कि जब आप किसी भी संस्था में प्रवेश लेते हैं तो आपका ध्यान केवल लक्ष्य पर होना चाहिए। डॉ हेमलता साहू ने महिला कानून के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का सफत संचालन डॉ बसंत नाग एवं आभार प्रदर्शन प्रोफेसर अलका केरकेट्टा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कोयना शर्मा नीरा मरकाम, लक्ष्मी नेताम दुर्गा टिकेश कुमार नेताम, अक्षय सहित बड़ी संख्या में छात्रा छात्राएँ उपस्थित उपस्थित रहे।

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