कोयलीबेड़ा की 18 पंचायतों के 68 गांवों में थ्री-फेज बिजली लाइन की मांग, किसानों को सिंचाई में हो रही परेशानी.

कोयलीबेड़ा की 18 पंचायतों के 68 गांवों में थ्री-फेज बिजली लाइन की मांग, किसानों को सिंचाई में हो रही परेशानी
बोर खनन के बाद भी बिजली सुविधा के अभाव में नहीं हो पा रही सिंचाई, अंतागढ़ विधायक से स्वीकृति दिलाने की मांग
कोयलीबेड़ा। क्षेत्र में कृषि कार्यों को बढ़ावा देने और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोयलीबेड़ा की 18 पंचायतों के 68 गांवों में थ्री-फेज बिजली लाइन बिछाने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में अंतागढ़ विधायक को आवेदन सौंपकर क्षेत्र के सभी गांवों में थ्री-फेज बिजली लाइन की स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश गांवों में सिंगल-फेज बिजली लाइन होने के कारण उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बोरवेल के माध्यम से सिंचाई करने वाले किसानों को पर्याप्त बिजली सुविधा नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि कोयलीबेड़ा क्षेत्र के किसान नदी से पानी लेकर, बोरवेल के माध्यम से और अन्य उपलब्ध संसाधनों से खेतों की सिंचाई करना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए आवश्यक थ्री-फेज बिजली लाइन की सुविधा कई गांवों में उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में अधिकांश गांवों में सिंगल-फेज बिजली लाइन होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई किसान अपने खेतों में बोर खनन करा चुके हैं, लेकिन थ्री-फेज बिजली की सुविधा नहीं होने से वे बोरवेल का समुचित उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बोर खनन पर खर्च करने के बाद भी किसानों को सिंचाई का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कोयलीबेड़ा क्षेत्र में खेती-किसानी ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। थ्री-फेज बिजली लाइन की सुविधा मिलने से किसान अपने खेतों में लगे सिंचाई पंपों का उपयोग कर सकेंगे और खेती को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। विशेषकर उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षा पर निर्भर रहने के बजाय बोरवेल अथवा नदी से पानी लेकर खेतों की सिंचाई करना चाहते हैं। बिजली की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होने से कृषि कार्यों में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं।
आवेदन में यह भी बताया गया है कि क्षेत्र के कई गांवों के किसान थ्री-फेज बिजली लाइन की मांग को लेकर पहले ही संबंधित विभाग में आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के माध्यम से आवश्यक सर्वे और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराई जाएं, ताकि पात्र गांवों में थ्री-फेज बिजली लाइन की स्वीकृति मिल सके।
अंतागढ़ विधायक से आग्रह किया गया है कि कोयलीबेड़ा की 18 पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी 68 गांवों में किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए थ्री-फेज बिजली लाइन की स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने तथा शासन स्तर पर पहल करने की कृपा करें। अब क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि उनकी इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई होगी और कृषि कार्यों के लिए बिजली सुविधा का विस्तार किया जाएगा।


