कोयलीबेड़ा में श्रद्धा और परंपरा के साथ सम्पन्न हुआ माता पहुंचानी, भव्य आयोजन मे शामिल हुए हजारों संख्या मे ग्रामीण ।

कोयलीबेड़ा में श्रद्धा और परंपरा के साथ सम्पन्न हुआ माता पहुंचानी का भव्य आयोजन।

कोयलीबेड़ा । ब्लॉक मुख्यालय कोयलीबेड़ा में ग्रामवासियों की गहरी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक माता पहुंचानी का भव्य आयोजन पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ग्राम के शीतला मंदिर से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के पश्चात पूरे गांव का पारंपरिक भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान गांव के विभिन्न मोहल्लों और चौक-चौराहों पर ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना कर देवी-देवताओं का स्वागत किया गया, जिससे पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
इस आयोजन में गांव की परंपरागत व्यवस्था में आस्था रखने वाले सभी परिवारों की सहभागिता देखने को मिली। श्रद्धालु रैली के रूप में निर्धारित स्थान पर पहुंचे, जहां महुआ पेड़ का पारंपरिक चक्कर लगाया गया। इसी स्थान पर माता की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसमें प्रत्येक घर से लाए गए तेल, हल्दी, चावल और नारियल अर्पित किए गए। ग्रामीणों का मानना है कि इस विधि से माता प्रसन्न होती हैं और गांव को रोग एवं विपत्तियों से बचाती हैं।
पूजा के दौरान उन परिवारों द्वारा भी मन्नतों का अर्पण किया गया, जिनके घरों में बीते एक वर्ष के दौरान चेचक से पीड़ित मरीज स्वस्थ हुए हैं। माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए ग्रामीणों ने अपनी-अपनी मन्नतें पूरी कीं। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है।
कई वर्षों से चली आ रही यह ग्रामीण परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई जा रही है। माता पहुंचानी का यह उत्सव ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। विशेष बात यह रही कि रोज़गार और अन्य कार्यों के कारण बाहर रह रहे गांव के सदस्य भी इस आयोजन के अवसर पर अपने घर लौटे, जिससे गांव में उत्सव, मिलन और उल्लास का माहौल बना रहा।




