अमर शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में गोंडी गीतों पर राज्य स्तरीय रिकार्डिंग डांस प्रतियोगिता 9 दिसम्बर को कोयलीबेड़ा में।

अमर शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में गोंडी गीतों पर राज्य स्तरीय रिकार्डिंग डांस प्रतियोगिता 9 दिसम्बर को कोयलीबेड़ा में।
कोयलीबेड़ा। गोंडी भाषा के संरक्षण को बढ़ावा देने व नई पीढ़ी को इसकी उपयोगिता समझाने के उद्देश्य से अमर शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में गोंडी भाषा के गीतों पर आधारित राज्य स्तरीय रिकार्डिंग डांस प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 9 दिसम्बर को कोयलीबेड़ा के तहसील मंच पर किया जा रहा है।
राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता के संरक्षक सहदेव उसेण्डी ने आयोजन के सम्बंध में बताया कि गोंडी भाषा की प्रचलन नई पीढ़ी में लगातार कम हो रही है यही वजह है गोंडी भाषा को सहेजने, संवारने और अपने दिनचर्या में शामिल करने की महत्ती आवश्यकता है ताकि यह भाषा उच्च स्तर तक पहुंचे। इन्ही कारणों को ध्यान में रखते हुए शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में एक दिवसीय राज्य स्तरीय गोंडी गीतों पर रिकार्डिंग डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे एकल, युगल व सामूहिक नृत्यों पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु तीनो वर्ग के लिए मामूली प्रवेश शुल्क भी रखा गया है। प्रतियोगिता राज्य स्तरीय होगी जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के कलाकार भाग ले सकते हैं लेकिन गीत केवल गोंडी भाषा की होनी आवश्यक है।
आयोजन समिति के सचिव देव मड़ावी ने बताया कि गोंडी भाषा के राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में सामूहिक नृत्य के लिए दो सौ रुपये, यूगल के लिए एक सौ पचास और एकल के लिए सौ रुपये की प्रवेश शुल्क रखा गया है। इस कार्यक्रम में गोंडी कॉमेडियन कैलाश नुरूटी भी शामिल होंगे व अपने अनुभव बताएंगे। पुरस्कारों की बात करें तो सामूहिक नृत्य के लिए प्रथम पुरस्कार 5750 (पांच हजार सात सौ पचास) रुपये सुखी राम उसेण्डी की ओर से, द्वितीय 3750 (तीन हजार सात सौ पचास) रुपये 18 पँचायत सरपंचों की ओर से, तृतीय 2750 (दो हजार सात सौ पचास) सहदेव उसेण्डी की ओर से दिया जाएगा।
युगल नृत्य में प्रथम पुरस्कार 2750 (दो हजार सात सौ पचास) रुपये सनकु राम उसेण्डी की ओर से, द्वितीय 1750 (एक हजार सात सौ पचास) रुपये बसन्त ध्रुव की ओर से, तृतीय 750 (सात सौ पचास) रुपये पीलू राम उसेण्डी की ओर से दिए जाएंगे।
एकल नृत्य में प्रथम पुरस्कार 1750 (एक हजार सात सौ पचास) रुपये दिलीप बघेल की ओर से, द्वितीय 750 (सात सौ पचास) रुपये बिसनाथ दर्रो की ओर से, वहीं तृतीय 500 (पांच सौ रुपये) मनेश दर्रो की ओर से प्रदान किये जायेंगे। कलाकार समय का विशेष ध्यान रखेंगे, गीत, वाद्य व साजो सामान स्वयं लेकर आएंगे, किसी भी तरह की चोट दुर्घटना के लिए स्वयं जिम्मेदार रहेगें।
आयोजन समिति में संरक्षक सहदेव उसेण्डी, अध्यक्ष सुखीराम उसेण्डी, उपाध्यक्ष बसन्त ध्रुव, सचिव देव मड़ावी, सह सचिव बिसनाथ दर्रो, कोषाध्यक्ष संजय कुंजाम,विशेष सलाहकार सनकु राम उसेण्डी, पीलूराम उसेण्डी बनाये गए हैं।
मंच संचालन की जिम्मेदारी देव मड़ावी व विनोद उसेण्डी को दी गयी है। निर्णायक मंडल में रामदयाल आचला, राजीव धुर्वा, पूरन मण्डावी व सेवक सूर्यवँशी रहेंगे।

