धान खरीदी में पारदर्शिता और निगरानी के पुख्ता इंतजाम करें अधिकारी: कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार।
एक सप्ताह के भीतर खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारी, केंद्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति के आदेश।

*धान खरीदी में पारदर्शिता और निगरानी के पुख्ता इंतजाम करें अधिकारी: कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार*
*एक सप्ताह के भीतर खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारी, केंद्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर की
* *नियुक्ति के निर्देश, बिना जीपीएस लगे वाहनों से नहीं होगा धान का परिवहन*
उत्तर बस्तर कांकेर, 03 नवंबर 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आज जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक, सहकारिता विभाग, जिला विपणन अधिकारी, मंडी सचिव तथा नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एक सप्ताह के भीतर सभी धान खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारी, केंद्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ खाद्य निरीक्षकों एवं सहकारिता निरीक्षकों का आवश्यकतानुसार स्थानांतरण करने के निर्देश दिए। सहकारिता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए भी कहा गया।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को धान खरीदी केंद्रों में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को धान खरीदी कार्य को गंभीरता से लेते हुए सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में धान के फुटकर एवं थोक व्यापारियों की बैठक लेकर शासन के नियमों की जानकारी देने तथा मिलर्स के स्टॉक की जांच करने के लिए कहा गया। इसके अलावा संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों में लंबे समय से कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को अन्य केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए।
*10 नवंबर से कटेगा टोकन, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी*
बैठक में जानकारी दी गई कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों में धान के नियंत्रित एवं व्यवस्थित रूप से उपार्जन के लिए किसानों को टोकन जारी कर धान खरीदी कार्य की जावेगी। 10 नवंबर 2026 से टोकन काटने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी तथा खरीदी का कार्य 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक किया जाएगा। धान खरीदी के लिए सीमांत एवं लघु कृषक दो एकड़ तक एक टोकन, सीमांत एवं लघु कृषक दो एकड़ से 10 एकड़ तक दो टोकन एवं दीर्घ किसानों 10 एकड़ से अधिक के लिए तीन टोकन जारी किया जाएगा। धान खरीदी कार्य में पारदर्शिता के लिए बॉयोमेट्रिक आधारित व्यवस्था लागू रहेगी। धान का विक्रय किसान स्वयं या उसके द्वारा अधिकृत परिवार के सदस्य द्वारा खरीदी केंद्र में जाकर किया जा सकता है। जिले में किसानों की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने के साथ ही जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर किसानों को धान खरीदी नीति एवं प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सहकारी समितियों में फ्लैक्स लगाकर धान खरीदी से संबंधित तीन प्रमुख बिंदुओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
कलेक्टर ने सहकारी बैंक प्रबंधकों को किसानों के एटीएम कार्ड बनवाने के निर्देश दिए, ताकि किसान अपने खातों में प्राप्त राशि का आसानी से एटीएम के माध्यम से आहरण कर सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों द्वारा धारित वास्तविक रकबे एवं उपज के आधार पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। नए स्वीकृत धान खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण के लिए अविलंब प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए, ताकि इन केंद्रों में समय पर चबूतरा निर्माण कराया जा सके।
*जीपीएस और आईपी आधारित कैमरों से होगी धान खरीदी एवं परिवहन की निगरानी*
धान खरीदी एवं परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि बिना जीपीएस लगे वाहनों से धान का परिवहन नहीं किया जाएगा। सभी धान खरीदी केंद्रों में आईपी आधारित कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिनमें मोशन डिटेक्शन सेंसर की सुविधा होगी। उन्होंने सभी सहकारिता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र के खरीदी केंद्रों में इन व्यवस्थाओं को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इन तकनीकी व्यवस्थाओं से धान खरीदी केन्द्रों की गतिविधियों एवं परिवहन की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकेगी तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बैठक में एसडीएम भानुप्रतापपुर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे, श्री भागवत जायसवाल एवं जी.डी. वाहिले सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा कृषि, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।



